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सड़क निर्माण में आ रहे पेड़ों के कटान पर लगाई रोक
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने बागेश्वर जिले के गरुड़ तहसील के अंतर्गत कंधार पत्थर खानी मोटर मार्ग को तल्लाधार से होते हुए ग्वालदम तक जोड़ने के लिए पांच किलोमीटर लंबी सड़क की स्वीकृति की आड़ में विपरीत दिशा की ओर अवैध कटान कर बनाई जा रही सड़क निर्माण में आ रहे पेड़ों के कटान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गरुड़ निवासी गोपाल चंद वनवासी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कंधार पत्थर खानी मोटर मार्ग को तल्लाधार से होते हुए ग्वालदम तक जोड़ने के लिए पांच किलोमीटर लंबी सड़क की स्वीकृति लेने के बाद लोक निर्माण विभाग बागेश्वर इस मोटर मार्ग का निर्माण शासनादेश के विपरीत कर रहा है। राज्य सरकार के 30 मार्च 2021 के आदेश द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए 93 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी। लोक निर्माण विभाग अवैध रूप से पेड़ों का कटान तथा बिना जमीन स्वीकृति के सड़क का काम कराने जा रहा है। रैतोली व रीठा गांव से बनाई जा रही सड़क को ग्रामीणों व गरीब भूमिधरों ने अनावश्यक ही नहीं बल्कि अवैध भी बताया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन उनके निवेदन पर विचार नहीं किया गया। लोनिवि ग्रामीणों की जमीन व वन पंचायत की जमीन को काटने में जुट गया। बिना सर्वे के ही सैकड़ों पेड़ों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी कर दी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने निर्माण में आने वाले पेड़ों के कटान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाते हुए तीन सप्ताह के भीतर सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गरुड़ निवासी गोपाल चंद वनवासी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कंधार पत्थर खानी मोटर मार्ग को तल्लाधार से होते हुए ग्वालदम तक जोड़ने के लिए पांच किलोमीटर लंबी सड़क की स्वीकृति लेने के बाद लोक निर्माण विभाग बागेश्वर इस मोटर मार्ग का निर्माण शासनादेश के विपरीत कर रहा है। राज्य सरकार के 30 मार्च 2021 के आदेश द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए 93 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी। लोक निर्माण विभाग अवैध रूप से पेड़ों का कटान तथा बिना जमीन स्वीकृति के सड़क का काम कराने जा रहा है। रैतोली व रीठा गांव से बनाई जा रही सड़क को ग्रामीणों व गरीब भूमिधरों ने अनावश्यक ही नहीं बल्कि अवैध भी बताया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सहित लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन उनके निवेदन पर विचार नहीं किया गया। लोनिवि ग्रामीणों की जमीन व वन पंचायत की जमीन को काटने में जुट गया। बिना सर्वे के ही सैकड़ों पेड़ों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी कर दी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने निर्माण में आने वाले पेड़ों के कटान पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाते हुए तीन सप्ताह के भीतर सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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