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हाय तेरी रुमाला गुलाबी मुखड़ी ...
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:13 AM IST
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लोकनृत्य प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
हाय तेरी रुमाला..., हाय कटेली झील मा नूण पीसू सील मा..., रंगीली बिंदी घाघर काई ... आदि गीतों पर युवा जमकर थिरके। मौका था उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला और कुमाऊं विश्वविद्यालय के सहयोग से डीएसबी परिसर सभागार में आयोजित तीन दिनी ग्रीष्मोत्सव के शुभारंभ का।
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लोक गायिका माया उपाध्याय के गीतों और विभिन्न प्रांतों के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के जादू ने लोगों को अंत तक बैठने को विवश कर दिया। रंगारंग कार्यक्रमों में जम्मू कश्मीर के कलाकारों ने राफ नृत्य, उड़ीसा के कलाकारों ने गोरी पूवा नृत्य, गुजरात के कलाकारों ने तलवार, उत्तराखंड के कलाकारों ने छपेली, त्रिपुरा के कलाकारों ने हौजागिरी, मणिपुर के पुंग चोलम, पंजाब के कलाकारों ने भागंडा का आकर्षक प्रदर्शन किया।
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इससे पूर्व तीन दिनी महोत्सव का शुभारंभ कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके नौड़ियाल ने किया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने ग्रीष्मोत्सव की महत्ता के बारे में बताया।
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वहां डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, डीएसडब्लू प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्राक्टर प्रो. आशीष तिवारी, छात्र संघ अध्यक्ष दिग्विजय मेहरा, सचिव जितेंद्र बंगारी, पंकज भट्ट, मोहित साह, नवीन भट्ट, विकास जोशी, रुचिर साह आदि थे। संचालन मोहिता ने किया।
आधी कुर्सियां पड़ी रही खाली
ग्रीष्मोत्सव का सही तरीके से प्रचार प्रसार न होने का प्रमाण पहले दिन ही देखने को मिल गया। पहले दिन प्रेक्षागृह की 50 फीसदी से अधिक कुर्सियां खाली रहीं। विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं मिली।