{"_id":"571a7e324f1c1bb8608b4aa0","slug":"hearing-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागियों की सदस्यता समाप्त करने के मामले पर सुनवाई आज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागियों की सदस्यता समाप्त करने के मामले पर सुनवाई आज
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Sat, 23 Apr 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में हाईकोर्ट में शनिवार को अहम सुनवाई होनी है। इस मामले में बागियों ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है।
विज्ञापन
स्पीकर ने विगत 27 मार्च को आदेश जारी कर बागियों की सदस्यता निरस्त कर दी थी। उसी आदेश को बागियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पूर्व में दिए गए हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में स्पीकर ने विगत सोमवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने इस प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि नियत की थी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष बागी विधायकों की ओर से जवाब दाखिल किया गया, जिसमें कहा कि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बिना उनका पक्ष सुने चंद घंटों में उनकी सदस्यता समाप्त कर दी।
विज्ञापन
याचिका में कहा कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी, बल्कि केवल सरकार के खिलाफ गए थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता खत्म करने के मामले में स्पीकर भेदभाव बरत रहे हैं।
इससे पहले स्पीकर ने अपने जवाब में कहा था कि उत्तराखंड विधानसभा में 18 मार्च को विनियोग विधेयक सदन संचालन की नियमावली व संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पारित हुआ था। दलबदल कानून के तहत सुनवाई का पर्याप्त अवसर देकर बागी विधायकों पर कार्रवाई की गई।