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Nainital News: आभूषण कारोबार से जुड़े ट्रेडमार्क विवाद पर हुई सुनवाई
Wed, 14 Oct 2026 02:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:23 AM IST
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हाईकोर्ट
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में सनरेका और स्वर्णिका ट्रेडमार्क नामों के बीच ट्रेडमार्क विवाद से जुड़ी अपील पर सुनवाई के बाद निचली अदालत के 18 जुलाई 2026 के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें निचली अदालत ने ट्रेडमार्क उल्लंघन और भ्रामक व्यापार पर रोक लगाने के लिए दिए गए अंतरिम प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान दोनों ब्रांडों के नामों की समानता, ग्राहकों के भ्रमित होने की आशंका और ट्रेडमार्क उल्लंघन के कानूनी पहलुओं पर बहस हुई।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दीपांशु बंसल ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर ऊधमसिंह नगर के प्रथम अपर जिला न्यायाधीश की अदालत के 18 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें निचली अदालत ने ट्रेडमार्क उल्लंघन और भ्रामक व्यापार पर रोक लगाने के लिए दिए गए अंतरिम प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिए थे। अपीलकर्ता के अनुसार, वह सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम और अन्य आभूषणों के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने 9 सितंबर 2022 को स्वर्णिका ट्रेडमार्क के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था जिसे 28 जुलाई 2023 को पंजीकृत किया गया। याचिका में कहा कि यह नाम उनके कारोबार की विशिष्ट पहचान बन चुका है। अपीलकर्ता का आरोप है कि प्रतिवादी पूनम भट्ट स्वर्णिका नाम से आभूषणों का कारोबार कर रही हैं।
उनके अनुसार, दोनों नामों में इतनी समानता है कि सामान्य ग्राहक, खुदरा व्यापारी और वितरक भ्रमित हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने प्रतिवादी को समान या मिलते-जुलते ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से रोकने की मांग की थी। प्रतिवादी की ओर से अदालत में कहा गया कि स्वर्णिका जेम्स एंड ज्वैलस नाम स्वर्ण शब्द से प्रेरित है और स्वर्णिका से अलग है। प्रतिवादी ने यह भी बताया कि उन्होंने 5 जून 2023 को अपने ट्रेडमार्क के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था, जो अभी प्रक्रियाधीन है। प्रतिवादी ने कहा कि दोनों नामों के उच्चारण, वर्तनी और प्रस्तुति में अंतर है।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दीपांशु बंसल ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर ऊधमसिंह नगर के प्रथम अपर जिला न्यायाधीश की अदालत के 18 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें निचली अदालत ने ट्रेडमार्क उल्लंघन और भ्रामक व्यापार पर रोक लगाने के लिए दिए गए अंतरिम प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिए थे। अपीलकर्ता के अनुसार, वह सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम और अन्य आभूषणों के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने 9 सितंबर 2022 को स्वर्णिका ट्रेडमार्क के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था जिसे 28 जुलाई 2023 को पंजीकृत किया गया। याचिका में कहा कि यह नाम उनके कारोबार की विशिष्ट पहचान बन चुका है। अपीलकर्ता का आरोप है कि प्रतिवादी पूनम भट्ट स्वर्णिका नाम से आभूषणों का कारोबार कर रही हैं।
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उनके अनुसार, दोनों नामों में इतनी समानता है कि सामान्य ग्राहक, खुदरा व्यापारी और वितरक भ्रमित हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने प्रतिवादी को समान या मिलते-जुलते ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से रोकने की मांग की थी। प्रतिवादी की ओर से अदालत में कहा गया कि स्वर्णिका जेम्स एंड ज्वैलस नाम स्वर्ण शब्द से प्रेरित है और स्वर्णिका से अलग है। प्रतिवादी ने यह भी बताया कि उन्होंने 5 जून 2023 को अपने ट्रेडमार्क के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था, जो अभी प्रक्रियाधीन है। प्रतिवादी ने कहा कि दोनों नामों के उच्चारण, वर्तनी और प्रस्तुति में अंतर है।
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