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Nainital News: याचिकाकर्ताओं पर दंडात्मक कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक
Wed, 14 Oct 2026 02:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:25 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने थलीसैंण थाने में शिकायतकर्ता की बेटी के मुंह में जबरन जहरीला तरल पदार्थ डालने की कोशिश के मामले में दोनाें याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी गढ़वाल निवासी जगदीश सिंह और दीपक सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थाना थलीसैंण जिला पौड़ी गढ़वाल में 21 सितंबर 2026 को दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एफआईआर में उनके विरुद्ध कोई कृत्य करने का आरोप नहीं है। एफआईआर के अनुसार मुख्य आरोप अभियुक्त नरेंद्र सिंह पर है जिस पर शिकायतकर्ता की बेटी के मुंह में जबरन जहरीला तरल पदार्थ डालने की कोशिश का आरोप है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि नरेंद्र सिंह और पीड़िता दोनों ने जहर का सेवन किया था और अस्पताल में भर्ती हुए थे। याचिकाकर्ताओं पर मुख्य अभियुक्त की मदद करने का ही आरोप है जो कि गलत और बेबुनियाद है।
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न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी गढ़वाल निवासी जगदीश सिंह और दीपक सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थाना थलीसैंण जिला पौड़ी गढ़वाल में 21 सितंबर 2026 को दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने व उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एफआईआर में उनके विरुद्ध कोई कृत्य करने का आरोप नहीं है। एफआईआर के अनुसार मुख्य आरोप अभियुक्त नरेंद्र सिंह पर है जिस पर शिकायतकर्ता की बेटी के मुंह में जबरन जहरीला तरल पदार्थ डालने की कोशिश का आरोप है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि नरेंद्र सिंह और पीड़िता दोनों ने जहर का सेवन किया था और अस्पताल में भर्ती हुए थे। याचिकाकर्ताओं पर मुख्य अभियुक्त की मदद करने का ही आरोप है जो कि गलत और बेबुनियाद है।
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