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मरीज रेफर किए तो डाक्टरों की खैर नहीं

Tue, 27 Jan 2015 07:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 27 Jan 2015 07:17 PM IST
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Health Minister's press conference

स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा है कि किसी भी सरकारी अस्पताल से मरीज प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर किए गए या सुविधाएं होने के बावजूद मरीज का इलाज नहीं किया गया तो ऐसे डाक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने माना कि डाक्टर पहाड़ में सेवा नहीं देना चाहते हैं। पहाड़ के होते हुए भी उन्हें पहाड़ से लगाव नहीं है। ऐसे डाक्टरों से प्रदेश के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती।

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बोट हाउस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा डाक्टरों के 2470 सृजित पदों के सापेक्ष प्रदेश के अस्पतालों में मात्र 940 डाक्टर कार्यरत हैं। बाकी सभी पद रिक्त हैं। सरकार ने नई ट्रांसफर पालिसी बनाई, जिसके तहत 331 डाक्टरों की भर्ती की गई, मगर उसमें मात्र 167 ने ज्वाइनिंग दी है। ऐसे में सरकार ने अस्पतालों को पीपीपी मोड में चलाना तय किया। ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
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हल्द्वानी के बेस अस्पताल और एसटीएच में खराब अल्ट्रासाउंड, एक्सरे मशीनों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा तत्काल मशीनों को ठीक कराया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ऐसी लापरवाही बरत रहा है तो यह ठीक नहीं हैं। मामले में डाक्टरों से स्पष्टीकरण भी लिया जाएगा। पत्रकार वार्ता में सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, पीएमएस डा. जीबी बिष्ट, सीएमएस डा. विनीता साह, रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन विनोद तिवारी आदि थे।
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प्रदेश को जल्द मिलेंगे 300 डाक्टर
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बीडी पांडे जिला अस्पताल में 51 लाख की लागत से बने ओपीडी के तीन नव निर्मित कक्षों के साथ ही स्वास्थ्य अधीक्षक कक्ष और कार्यालय कक्ष का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा जल्द ही सरकार प्रदेश में 300 डाक्टरों की तैनाती करने जा रही है। अस्पतालों में डाक्टरों की कमी दूर करने को सरकार चिकित्सक बोर्ड का गठन कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया है।


राज्य में बीपीएल और एपीएल का प्रत्येक व्यक्ति जो आयकर के दायरे में नहीं आता है, उसे योजना का लाभ मिलेगा। इसके तहत 50 हजार रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस प्रक्रिया को इतना सरल किया गया है कि केवल उत्तराखंड का स्थायी निवासी का प्रमाणपत्र साथ लाना होगा। इस दौरान सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. जीबी बिष्ट, महिला अस्पताल की सीएमएस डा. विनीता साह, पूर्व विधायक खड़क सिंह बोहरा, कुंदन सिंह बिष्ट, पप्पन जोशी, रईस अहमद, मुन्नी देवी, डीएन भट्ट, किशन लाल सैनी आदि थे।

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