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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Harak instructed to respond within 10 days

हरक को 10 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश

Wed, 20 Jul 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो,नैनीताल।
अमर उजाला ब्यूरो,नैनीताल। Updated Wed, 20 Jul 2016 01:30 AM IST
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हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन की जांच सीबीआई से कराने संबंधी आदेश को वापस लेने के मामले में हाईकोर्ट ने विपक्षी हरक सिंह रावत को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कोर्ट ने याचिकाकर्ता सीएम हरीश रावत को हरक सिंह रावत के जवाब का प्रतिशपथपत्र सात दिन के भीतर देने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तिथि नियत की है।
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न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके खिलाफ जो स्टिंग हुआ और उसमें विधायकों की खरीद फरोख्त का जो आरोप उन पर लगा, उसमें विधायकों का जिक्र नहीं है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति वापस ले ली है।
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इसलिए सीबीआई जांच के आदेश निरस्त किए जाएं। इस संदर्भ में केंद्र सरकार और सीबीआई ने जवाब दाखिल कर कहा कि जब किसी मामले की सीबीआई जांच के आदेश हो जाते हैं तो राज्य सरकार इसे वापस लेने की संस्तुति नहीं कर सकती है। सीबीआई और केंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन की सीडी फॉरेंसिक जांच में सही पाई गई है। मंगलवार को हुई पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने हरक सिंह रावत को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए और याचिकाकर्ता को इस जवाब का प्रतिशपथ पत्र सात दिन के भीतर देने को  कहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
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हरक ने भी दी कैबिनेट के फैसले को चुनौती
नैनीताल। 15 मई को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच की संस्तुति को वापस लेने के फैसले को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने हाईकोर्ट चुनौती दी है। इस पर मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष हुई सुनवाई में कोर्ट ने मामले को किसी अन्य कोर्ट को भेजने के लिए चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को संदर्भित कर दिया है। 


डॉ. हरक सिंह ने याचिका दायर कर कहा था कि 15 मई को रविवार था और उसी दिन सरकार ने अपने विधि  सलाहकार से राय लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ चल रही सीबीआई जांच वापस  लेने की संस्तुति की। याचिका में कहा गया है कि कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है वह गलत है। याचिका में यह भी कहा गया कि जब एक बार किसी मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति हो जाती है उसे दोबारा वापस लेने की संस्तुति नहीं की जा सकती है। इस प्रकरण पर कोर्ट ने कहा कि इसी संबंध में अन्य याचिका जो मुख्यमंत्री द्वारा दाखिल की गई है उस पर सुनवाई लंबित है इसलिए इस प्रकरण पर सुनवाई के लिए अन्य कोर्ट को रेफर करने के लिए चीफ जस्टिस को भेज दिया है। 
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