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Haldwani Violence: जिन घायलों का इलाज किया, उन्हीं ने बचाई जान; चालक-ईएमटी ने 20 मिनट तक मौत को करीब से देखा
Mon, 12 Feb 2024 09:53 AM IST
शाहरुख खान
रविंद्र पांडे रवि, अमर उजाला, हल्द्वनी
रविंद्र पांडे रवि, अमर उजाला, हल्द्वनी
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Feb 2024 09:53 AM IST
सार
हल्द्वनी में उपद्रव के दिन 108 एंबुलेंस के घायल चालक और ईएमटी भी फंस गए। उपद्रवी उनकी जान लेने को आतुर थे, लेकिन मुस्लिम महिला और युवक ने उन्हें बचा लिया। दोनों ने बीस मिनट तक मौत को करीब से देखा। दोनों घायलों का इलाज कर रहे थे।
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Haldwani Violence
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हल्द्वनी में उपद्रव के दिन मलिक के बगीचे में घायलों का उपचार कर रहे 108 एंबुलेंस के चालक हरीश चंद्र आर्या और ईएमटी धारा बल्लभ भट्ट ने बताया कि उन्होंने बीस मिनट तक मौत को करीब से देखा। यदि उनके वाहन में घायल मुस्लिम महिला और युवक न होते तो वे भी आग की भेंट चढ़ जाते।
उपद्रवी जान लेने को आतुर थे लेकिन घायल उनकी ढाल बने और उन्हें बाहर निकाला। हरीश चंद्र आर्या और धारा बल्लभ भट्ट ने बताया कि घटना के दिन प्रशासन के आदेश पर वे 108 लेकर मलिक के बगीचे पहुंचे थे। लगभग 4:30 बजे से पांच बजे के बीच उनके वाहन में दो एसआई समेत छह पुलिस कर्मी, एक मुस्लिम महिला, एक बच्चा दो युवक थे।
वे सभी की मरहम पट्टी कर रहे थे। इसी दौरान उपद्रवियों ने वाहन के अंदर पुलिस होने की बात कहकर पत्थरबाजी शुरू कर दी जिससे वाहन में मौजूद महिला और युवक भी घायल हो गए। पांच मिनट में वाहन में सैकड़ों पत्थर पड़े।
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महिला ने उपद्रवियों से ऐसा न करने की अपील की लेकिन वे नहीं माने और 108 को आग के हवाले करने लगे। महिला की कोशिश से वे किसी तरह बचकर एक घर में गए। यहां घायल युवकों ने उनसे सुरक्षित बाहर तक छुड़वाने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों भाइयों ने किसी तरह उन्हें रेलवे पटरी से बूचड़खाने तक पहुंचाया। जहां से हमने दूसरी 108 को बुलाया और अस्पताल पहुंचे।
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उपद्रवी जान लेने को आतुर थे लेकिन घायल उनकी ढाल बने और उन्हें बाहर निकाला। हरीश चंद्र आर्या और धारा बल्लभ भट्ट ने बताया कि घटना के दिन प्रशासन के आदेश पर वे 108 लेकर मलिक के बगीचे पहुंचे थे। लगभग 4:30 बजे से पांच बजे के बीच उनके वाहन में दो एसआई समेत छह पुलिस कर्मी, एक मुस्लिम महिला, एक बच्चा दो युवक थे।
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वे सभी की मरहम पट्टी कर रहे थे। इसी दौरान उपद्रवियों ने वाहन के अंदर पुलिस होने की बात कहकर पत्थरबाजी शुरू कर दी जिससे वाहन में मौजूद महिला और युवक भी घायल हो गए। पांच मिनट में वाहन में सैकड़ों पत्थर पड़े।
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महिला ने उपद्रवियों से ऐसा न करने की अपील की लेकिन वे नहीं माने और 108 को आग के हवाले करने लगे। महिला की कोशिश से वे किसी तरह बचकर एक घर में गए। यहां घायल युवकों ने उनसे सुरक्षित बाहर तक छुड़वाने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों भाइयों ने किसी तरह उन्हें रेलवे पटरी से बूचड़खाने तक पहुंचाया। जहां से हमने दूसरी 108 को बुलाया और अस्पताल पहुंचे।
अब बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में रहेगा कर्फ्यू, अन्य जगह आज से खुलेंगे स्कूल
जिला प्रशासन ने कर्फ्यू को लेकर रविवार को आदेश जारी किया है। डीएम वंदना के अनुसार अब बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ही कर्फ्यू रहेगा। अन्य क्षेत्र कर्फ्यू मुक्त रहेगा। जोनल मजिस्ट्रेट और कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी ने बताया कि बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर शेष क्षेत्रों में विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार से खुलेंगे।
कुमाऊं विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की परीक्षाएं भी सोमवार से शुरू हो जाएंगी। यूओयू के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि एलबीएस हल्दूचौड़, एमबीपीजी हल्द्वानी और राजकीय डिग्री कॉलेज रामनगर में यूओयू की परीक्षाएं 12 फरवरी से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
नौ और 10 फरवरी को रद्द हुए पेपर के संबंध में नई तारीख की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से जारी की जाएगी। बता दें कि बृहस्पतिवार शाम से कर्फ्यू के कारण हल्द्वानी क्षेत्र में कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद थे। इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से भी वंचित थे।