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सरकारी चावल और गेहूं की हो रही थी कालाबाजारी
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घर से बरामद गेहूं और चावल के कट्टे।
- फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। पुलिस और पूर्ति विभाग की टीम ने एक घर में छापा मारकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बांटा जाने वाला आठ कट्टे गेहूं और 48 कट्टे चावल पकड़ा है। पिकअप वाहन से चावल और गेहूं उतारा जा रहा था। पूर्ति विभाग ने मकान को सीज कर दिया है। वाहन को सीज कर पुलिस को सौंप दिया। पूर्ति निरीक्षक की ओर से मो. अहमद और अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बुधवार की शाम एसआई राजेश पंत स्वामी विहार गौजाजाली उत्तर में एक टावर का विवाद सुलझाने गए थे। इस दौरान उन्हें पिकअप संख्या यूके 04 सीए0361 से एक घर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाला गेहूं और चावल उतरता दिखा। उन्होंने इसकी सूचना पूर्ति विभाग को दी। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल मौके पर पहुंचे। मकान की जांच की गई तो वहां 48 कट्टे चावल और आठ कट्टा गेहूं मिला है।
पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल ने बताया कि सभी कट्टे जूट के थे और इन कट्टों में सरकारी मोहर और सील लगी थी। उन्होंने कहा कि यह चावल और गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली का है। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल की ओर से मो. अहमद उर्फ गुड्डु और चालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत बनभूलपुरा चौकी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही पिकप को भी सीज कर दिया गया है। आरोपी गुड्डु फरार बताया जा रहा है।
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आखिर कहां से आया चावल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाला गेहूं और चावल खुलेआम बाजार में बिक रहा है। इसकी कालाबाजारी हो रही है लेकिन जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने चावल और गेहूं यहां तक कैसे पहुंचा इसके बारे में ढूंढ खोज तक नहीं की।
खाद्य गोदाम में काम करता था गुड्डु
विभागीय सूत्रों की मानें तो मो. अहमद उर्फ गुड्डु गांधी स्कूल के पास पीडीएस गोदाम में ठेकेदारी करता है। वह यहां लेबरों के माध्यम से चावल-गेहूं का लदाई-उतराई करता है। बताया जा रहा है कि वह सस्ता गल्ला विक्रेताओं से सस्ते में गेहूं और चावल खरीदकर मिलों को बेचता था।
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बुधवार की शाम एसआई राजेश पंत स्वामी विहार गौजाजाली उत्तर में एक टावर का विवाद सुलझाने गए थे। इस दौरान उन्हें पिकअप संख्या यूके 04 सीए0361 से एक घर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाला गेहूं और चावल उतरता दिखा। उन्होंने इसकी सूचना पूर्ति विभाग को दी। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल मौके पर पहुंचे। मकान की जांच की गई तो वहां 48 कट्टे चावल और आठ कट्टा गेहूं मिला है।
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पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल ने बताया कि सभी कट्टे जूट के थे और इन कट्टों में सरकारी मोहर और सील लगी थी। उन्होंने कहा कि यह चावल और गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली का है। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल की ओर से मो. अहमद उर्फ गुड्डु और चालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत बनभूलपुरा चौकी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही पिकप को भी सीज कर दिया गया है। आरोपी गुड्डु फरार बताया जा रहा है।
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आखिर कहां से आया चावल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बंटने वाला गेहूं और चावल खुलेआम बाजार में बिक रहा है। इसकी कालाबाजारी हो रही है लेकिन जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने चावल और गेहूं यहां तक कैसे पहुंचा इसके बारे में ढूंढ खोज तक नहीं की।
खाद्य गोदाम में काम करता था गुड्डु
विभागीय सूत्रों की मानें तो मो. अहमद उर्फ गुड्डु गांधी स्कूल के पास पीडीएस गोदाम में ठेकेदारी करता है। वह यहां लेबरों के माध्यम से चावल-गेहूं का लदाई-उतराई करता है। बताया जा रहा है कि वह सस्ता गल्ला विक्रेताओं से सस्ते में गेहूं और चावल खरीदकर मिलों को बेचता था।