फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Gafoor, drums settlement grew in political agitation

गफूर, ढोलक बस्ती में बढ़ी राजनैतिक सरगर्मी

Sat, 19 Nov 2016 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी Updated Sat, 19 Nov 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
Gafoor, drums settlement grew in political agitation
गफूर, ढोलक बस्ती में बढ़ी राजनैतिक सरगर्मी - फोटो : अमर उजाला
गफूर, ढोलक बस्ती समेत रेलवे की जमीन पर कब्जे को हटाने को लेकर कवायद शुरू हुई है। इसके बाद से इलाके में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ गई है। दिनभर इलाके में बदलते राजनीति के मिजाज को भांपने में नेताओं के साथ उनके समर्थक लगे रहे। ढांढस बंधाने के  साथ भरोसा दे रहे हैं कि वह उनके साथ हर मोर्च पर हैं।
विज्ञापन


बनभूलपुरा राजनैतिक तौर पर अहमियत रखता है। वोटिंग के प्रतिशत से लेकर नेताओं की जीत हार का एक बड़ा हिस्सा यहीं से तय होता है।  रेलवे की जमीन पर बसे लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। चुनाव भी होने वाले हैं, इसे लेकर भी नेताओं की नजर लगी हुई है।
विज्ञापन


सुबह से ही इलाके में नेताओं और समर्थकों की भागदौड़ शुरू हो गई थी। मंडी सभापति सुमित हृदयेश अपने समर्थकों के  साथ पहुंचे, करीब तीन घंटे तक इलाके में रहे। लोगों को आश्वस्त किया कि समस्या दूर होगी। समर्थक भी समझाते रहे। दूसरे दल के नेता भी एक्टिव थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाम को पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी पहुंचे।  दूसरी तरफ जिनको सिर से छत हटने का डर है, उनका कहना है कि बस, कहीं पर पुनर्वास कर दिया जाए। बस्ती के शेरदिल, मो. शमी आदि का कहना है कि अगर उन्हें हटाया जाए, दूसरी जगह पर बसाया भी जाना चाहिए।

हक के लिए कोर्ट में रखना होगा मजबूत पक्ष

पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने कहा कि गफूरबस्ती और किदवईनगर के लोगों को हक दिलाने के लिए कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखना होगा। पुनर्वास के लिए वह केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों से वार्ता करेंगे। मुसीबत की घड़ी में वह जनता के साथ हैं।

इंद्रानगर रेलवे फाटक पर जन सहयोग समिति ने गफूरबस्ती, ढोलक बस्ती और किदवई नगर के लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी और उनके पुत्र रोहित शेखर तिवारी को शुक्रवार की शाम बुलाया। एनडी तिवारी ने कहा कि वह पुनर्वास के मुद्दे पर बस्ती के लोगों के साथ हैं। सरकार को बस्ती के लोगों की समस्या का निदान करना चाहिए।

इस दिशा में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष अच्छे ढंग से रखा जाना चाहिए। रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि वह बस्ती के लोगों के साथ हैं। सपा नेता शोएब सिद्दीकी ने कहा कि गरीब बस्ती के लोगों के साथ राज्य सरकार ने धोखा किया है। चार साल तक कांग्रेस सरकार पुनर्वास की व्यवस्था नहीं कर सकी। इस मुद्दे को लेकर सदन में भी प्रस्ताव नहीं रखा गया। 

बस्ती के लोगों के लिए वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। यदि बस्ती के लोगों को उजाड़ा गया तो जनता सरकारी संस्थानों पर कब्जा करेगी। दमुवाढूंगा संघर्ष समिति के संयोजक हरीश रावत ने बस्ती के लोगों में संघर्ष करने के लिए जोश भरा। उन्होंने बस्ती के लोगों की दुर्दशा के लिए वित्तमंत्री को जिम्मेदार ठहराया।

बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवैस राजा ने आरोप लगाया कि वित्तमंत्री ने पुनर्वास के मुद्दे पर वोट लिया लेकिन बस्ती के लोगों के साथ छल किया। यदि पुनर्वास नहीं हुआ तो बस्ती के लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे। सरताज ने आरोप लगाया कि बस्ती के लोगों का मुद्दा उठाने पर प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया जाता है। कार्यक्रम का संचालन रेहान अंसारी ने किया।

बनभूलपुरा है कि कोई भूल ही नहीं पाता

हल्द्वानी शहर और आसपास के दूसरे भी इलाके हैं, जो शायद ही इतनी चर्चाओं में रहते हों जितना बनभूलपुरा का इलाका। कुछ तो है, जो लोगों को बनभूलपुरा भूलने नहीं देता। एक मामला खत्म होता है तो दूसरा शुरू हो जाता है।

कुछ इसी तरह की चर्चा.. चाय की चुस्की और हुक्के की गुड़गुड़ाहट में बनभूलपुरा में होती रही। बैठकी में शामिल लोग कहते सुने गए कि कुछ न कुछ ऐसा होता है कि इलाका चर्चा में आ ही जाता है। अब बस्ती हटाए जाने का खौफ लोगों में है।


काठगोदाम में होगी सुनवाई

पूर्वोत्तर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उनकी सुनवाई काठगोदाम रेलवे स्टेशन परिसर में 24 नवंबर को होगी। इसमें व्यक्ति अपना पक्ष रख सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed