{"_id":"606a1d408ebc3e8d3663f7eb","slug":"from-today-the-helicopter-will-extinguish-the-forest-fire-haldwani-news-hld420538329","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से हेलीकाप्टर बुझाएगा जंगल की आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से हेलीकाप्टर बुझाएगा जंगल की आग
विज्ञापन
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। जंगल की आग पर काबू पाने के लिए एयरफोर्स के हेलीकाप्ॅटर मदद करेंगे। मुख्य वन संरक्षक
कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल के अनुसार सोमवार सुबह पंतनगर एयरपोर्ट पर एयरफोर्स का एक हेलीकाप्ॅटर पहुंच जाएगा। यह हेलीकाप्ॅटर कुमाऊं में जंगल की आग बुझाने का कार्य करेगा।
डॉ. पाटिल के अनुसार एयरफोर्स के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार को सौंपी गई है। डीएफओ कुमार एयरफोर्स की टीम को आवश्यक जानकारी (जंगल की आग से जुड़ी जीपीएस लोकेशन) आदि उपलब्ध कराएंगे। सुबह आठ बजे हेलीकाप्ॅटर पंतनगर एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इसके बाद अभियान शुरू होगा। ज्ञात हो कि जंगल की आग बुझाने के लिए वर्ष-2016 में भी एयरफोर्स के हेलीकाप्ॅटर का इस्तेमाल किया गया था।
अल्मोड़ा, चंपावत में ज्यादा घटनाएं
हल्द्वानी। वनाधिकारियों के अनुसार इन दिनों अल्मोड़ा, चंपावत में जंगलों में आग की घटनाएं ज्यादा हैं। इन क्षेत्रों के डीएफओ को भी वनाग्नि वाले स्थानों की जीपीएस लोकेशन बताने का निर्देश दिया है। पूरे कुमाऊं में अब तक वनाग्नि की 386 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें करीब 540 हेक्टेयर जंगल में वन संपदा प्रभावित हुई है। वनाधिकारियों के अनुसार अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल जिले वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी बनाए गए
हल्द्वानी। वन मुख्यालय ने दस अपर प्रमुख वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षकों को दस जिलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह अधिकारी संबंधित जिलों में एक निश्चित अवधि तक भ्रमण करने के साथ वनाग्नि सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा आदि करेंगे। इसके साथ ही फायर लाइन, नियंत्रित फुकान की स्थिति, वनों की आग से निपटने मे लगे कर्मियों की संख्या, संसाधनों की स्थिति आदि को भी देखेंगे। यह आदेश प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने जारी किया है।
विज्ञापन
कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल के अनुसार सोमवार सुबह पंतनगर एयरपोर्ट पर एयरफोर्स का एक हेलीकाप्ॅटर पहुंच जाएगा। यह हेलीकाप्ॅटर कुमाऊं में जंगल की आग बुझाने का कार्य करेगा।
डॉ. पाटिल के अनुसार एयरफोर्स के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार को सौंपी गई है। डीएफओ कुमार एयरफोर्स की टीम को आवश्यक जानकारी (जंगल की आग से जुड़ी जीपीएस लोकेशन) आदि उपलब्ध कराएंगे। सुबह आठ बजे हेलीकाप्ॅटर पंतनगर एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। इसके बाद अभियान शुरू होगा। ज्ञात हो कि जंगल की आग बुझाने के लिए वर्ष-2016 में भी एयरफोर्स के हेलीकाप्ॅटर का इस्तेमाल किया गया था।
विज्ञापन
अल्मोड़ा, चंपावत में ज्यादा घटनाएं
हल्द्वानी। वनाधिकारियों के अनुसार इन दिनों अल्मोड़ा, चंपावत में जंगलों में आग की घटनाएं ज्यादा हैं। इन क्षेत्रों के डीएफओ को भी वनाग्नि वाले स्थानों की जीपीएस लोकेशन बताने का निर्देश दिया है। पूरे कुमाऊं में अब तक वनाग्नि की 386 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें करीब 540 हेक्टेयर जंगल में वन संपदा प्रभावित हुई है। वनाधिकारियों के अनुसार अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल जिले वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील बने हुए हैं।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी बनाए गए
हल्द्वानी। वन मुख्यालय ने दस अपर प्रमुख वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षकों को दस जिलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह अधिकारी संबंधित जिलों में एक निश्चित अवधि तक भ्रमण करने के साथ वनाग्नि सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा आदि करेंगे। इसके साथ ही फायर लाइन, नियंत्रित फुकान की स्थिति, वनों की आग से निपटने मे लगे कर्मियों की संख्या, संसाधनों की स्थिति आदि को भी देखेंगे। यह आदेश प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी ने जारी किया है।