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स्वतंत्रता सेनानी नैन सिंह के गांव को भूल गए
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भीमताल ब्लॉक में हरियाली लकदक गांव है अमिया। यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह महरा (धन सिंह) का गांव है। आजादी के बाद यहां विकास से जुड़े कई काम हुए हैं। अमृतपुर-भौर्सा-बानना मोटर मार्ग बना। बिजली पहुंची। कई जगह पर इंटर कालेज खुले लेकिन कुछ समस्याएं आज तक हल नहीं हुई हैं। पूरे इलाके में एक भी बैंक नहीं है। इलाज के लिए भी लोगों को हल्द्वानी जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत अमृतपुर-बानना मोटर मार्ग की है। इस सड़क पर गड्ढे लोगों को परेशान करते हैं। विजेंद्र श्रीवास्तव की रिपोर्ट-
कुछ काम हुए मगर अभी बहुत की दरकार
हल्द्वानी। हल्द्वानी-भीमताल मोटर मार्ग पर चंदादेवी के पास से अमृतपुर-भौर्सा मार्ग जाता है। इस मार्ग पर अमृतपुर, डहरा, अमिया, भौर्सा, बानना, पिनरौ, पस्तोला आदि गांव आते हैं। अमिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह महरा का आवास रहा है। यहां उनके चारों बेटों का घर है। उनके बड़े बेटे चंदन सिंह (72) बताते हैं कि 70 के दशक में अमृतपुर-भौर्सा मोटर मार्ग बना। गांवों में बिजली पहुंची। अमिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह महरा इंटर कॉलेज, भौर्सा आदि जगहों पर इंटर कॉलेज खुल गए। हर गांव में प्राथमिक विद्यालय है। सिंचाई के लिए नहरें बनी। कृषि आदि से जुड़ी सरकारी योजनाएं भी पहुंची। परिवार के मनोज सिंह महरा कहते हैं कि संचार की सेवा भी ठीक हुई हैं।
यह सड़क तो परेशान करती है
हल्द्वानी। अमृतपुर-भौसा मोटर मार्ग बदहाल है। इस पर जगह-जगह पर गड्ढे हो चुके हैं। ग्रामीण जीवन महरा, त्रिलोक सिंह, पूरन महरा, रमेश आर्य आदि कहते हैं कि मार्ग की बदहाली की बात कई बार उठा चुके हैं। मार्ग खराब होने के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के सदस्यों का भी कहना है कि मार्ग की हालत सुधरनी चाहिए। दया महरा, चंदन महरा कहते हैं कि जर्जर मार्ग के चलते काफी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव
हल्द्वानी। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी पर्याप्त नहीं है। पूरे क्षेत्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (भौर्सा) है। बीमार होने की स्थिति में लोगों को हल्द्वानी ही दौड़ लगानी पड़ती है। बंदर, जंगली सूअर आदि के चलते मुश्किल खेती करना भी मुश्किल हो रहा है। सिंचाई गुलों में पानी की व्यवस्था सुचारु नहीं रहती है।
मलबे से पटा पंचायत भवन, नदी कर रही कटाव
हल्द्वानी। कुछ समय पहले भूस्खलन होने से अमिया का पंचायत भवन मलबे से पट गया है। यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र चलता था, टीकाकरण होता था और बैठक होती थी। अब यह सब बंद है। नदी से अमिया गांव और अना तोक की तरफ कटाव हो रहा है। इसे लेकर भी लोग चिंतित हैं।
जेल गए थे, जुर्माना भी लगा था
हल्द्वानी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह को वर्ष-1932 में दो महीने की जेल हुई थी और 25 रुपये का जुर्माना लगा था। उनके बेटे चंदन सिंह महरा ने बताया कि वे बरेली की जेल में रखा गया था। वर्ष-2001 में 95 साल की आयु में निधन हुआ।
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कुछ काम हुए मगर अभी बहुत की दरकार
हल्द्वानी। हल्द्वानी-भीमताल मोटर मार्ग पर चंदादेवी के पास से अमृतपुर-भौर्सा मार्ग जाता है। इस मार्ग पर अमृतपुर, डहरा, अमिया, भौर्सा, बानना, पिनरौ, पस्तोला आदि गांव आते हैं। अमिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह महरा का आवास रहा है। यहां उनके चारों बेटों का घर है। उनके बड़े बेटे चंदन सिंह (72) बताते हैं कि 70 के दशक में अमृतपुर-भौर्सा मोटर मार्ग बना। गांवों में बिजली पहुंची। अमिया में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह महरा इंटर कॉलेज, भौर्सा आदि जगहों पर इंटर कॉलेज खुल गए। हर गांव में प्राथमिक विद्यालय है। सिंचाई के लिए नहरें बनी। कृषि आदि से जुड़ी सरकारी योजनाएं भी पहुंची। परिवार के मनोज सिंह महरा कहते हैं कि संचार की सेवा भी ठीक हुई हैं।
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यह सड़क तो परेशान करती है
हल्द्वानी। अमृतपुर-भौसा मोटर मार्ग बदहाल है। इस पर जगह-जगह पर गड्ढे हो चुके हैं। ग्रामीण जीवन महरा, त्रिलोक सिंह, पूरन महरा, रमेश आर्य आदि कहते हैं कि मार्ग की बदहाली की बात कई बार उठा चुके हैं। मार्ग खराब होने के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार के सदस्यों का भी कहना है कि मार्ग की हालत सुधरनी चाहिए। दया महरा, चंदन महरा कहते हैं कि जर्जर मार्ग के चलते काफी लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव
हल्द्वानी। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में स्वास्थ्य सेवाएं भी पर्याप्त नहीं है। पूरे क्षेत्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (भौर्सा) है। बीमार होने की स्थिति में लोगों को हल्द्वानी ही दौड़ लगानी पड़ती है। बंदर, जंगली सूअर आदि के चलते मुश्किल खेती करना भी मुश्किल हो रहा है। सिंचाई गुलों में पानी की व्यवस्था सुचारु नहीं रहती है।
मलबे से पटा पंचायत भवन, नदी कर रही कटाव
हल्द्वानी। कुछ समय पहले भूस्खलन होने से अमिया का पंचायत भवन मलबे से पट गया है। यहां पर आंगनबाड़ी केंद्र चलता था, टीकाकरण होता था और बैठक होती थी। अब यह सब बंद है। नदी से अमिया गांव और अना तोक की तरफ कटाव हो रहा है। इसे लेकर भी लोग चिंतित हैं।
जेल गए थे, जुर्माना भी लगा था
हल्द्वानी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नैन सिंह को वर्ष-1932 में दो महीने की जेल हुई थी और 25 रुपये का जुर्माना लगा था। उनके बेटे चंदन सिंह महरा ने बताया कि वे बरेली की जेल में रखा गया था। वर्ष-2001 में 95 साल की आयु में निधन हुआ।