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Nainital News: वन निगम कर्मियों ने शासनादेश का किया विरोध
Sat, 13 Jul 2024 07:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:18 AM IST
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हल्द्वानी। वन विकास निगम कर्मचारी संगठन कुमाऊं क्षेत्र ने शुक्रवार को उत्तराखंड वन विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में धरना दिया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह गैड़ा ने कहा कि निगम ने 1991 से पूर्व दैनिक सेवा में कार्य कर रहे कार्मिकों को इलाहाबाद न्यायालय के निर्णय के क्रम में पूर्ण वेतन भत्तों सहित सुविधाएं अनुमन्य की थी। यूपी से पृथक होने के बाद निगम ने 1991 से पूर्व दैनिक वेतन पर काम कर रहे 1737 कार्मिकों को नियमित किया था। 2023 में उत्तराखंड शासन के आदेश पर विनियमित कार्मिकों को वेतन भत्तों समेत सुविधा दी गई। 2024 में इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इससे कार्मिकों में भारी रोष है। धरने में गौरव कुमार डुंगराकोटी, चंद्रमोहन पांडे, मोहन सिंह मेहरा, अमित जौहरी, सतीश चंद्र पंत, नंदलाल, कैलाश जोशी आदि मौजूद रहे।
नैनीताल और रामनगर में भी धरना दिया
नैनीताल। वन निगम कर्मचारी संगठन ने निगम में 23 दिसंबर 2002 को विनियमित हुए कार्मिकों को 19 सितंबर 1991 से सेवा लाभ देने के आदेश को प्रदेश शासन की ओर से 20 जून 2024 को निरस्त करने का विरोध किया है। संगठन के प्रांतीय शाखा के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने नैनीताल में एक दिवसीय धरना प्रर्दशन किया। वहां प्रभागीय अध्यक्ष भुवन भट्ट, गिरीश चंद्र पांडे, चंचल सिंह अलचौनी, पवन चंद, जितेंद्र भट्ट, मनोज पंत आदि रहे।
इधर रामनगर में भी विनियमित हुए कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ नहीं देने पर उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन पश्चिमी क्षेत्र के सदस्याें ने क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। धरना देने वालों में अध्यक्ष सुरेश चंद्र सुयाल, मदन मोहन पांडे, चंद्र वल्लभ छिम्वाल, उमेश भट्ट, गिरीश पडलिया, तरुण जोशी, संजय पांडे, मोहन चौरसिया, माधवानंद द्विवेदी, त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, महेश तिवारी, डीएस अधिकारी, भूपाल सिंह भंडारी, ईश्वरी भट्ट आदि रहे। संवाद
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क्षेत्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह गैड़ा ने कहा कि निगम ने 1991 से पूर्व दैनिक सेवा में कार्य कर रहे कार्मिकों को इलाहाबाद न्यायालय के निर्णय के क्रम में पूर्ण वेतन भत्तों सहित सुविधाएं अनुमन्य की थी। यूपी से पृथक होने के बाद निगम ने 1991 से पूर्व दैनिक वेतन पर काम कर रहे 1737 कार्मिकों को नियमित किया था। 2023 में उत्तराखंड शासन के आदेश पर विनियमित कार्मिकों को वेतन भत्तों समेत सुविधा दी गई। 2024 में इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। इससे कार्मिकों में भारी रोष है। धरने में गौरव कुमार डुंगराकोटी, चंद्रमोहन पांडे, मोहन सिंह मेहरा, अमित जौहरी, सतीश चंद्र पंत, नंदलाल, कैलाश जोशी आदि मौजूद रहे।
नैनीताल और रामनगर में भी धरना दिया
नैनीताल। वन निगम कर्मचारी संगठन ने निगम में 23 दिसंबर 2002 को विनियमित हुए कार्मिकों को 19 सितंबर 1991 से सेवा लाभ देने के आदेश को प्रदेश शासन की ओर से 20 जून 2024 को निरस्त करने का विरोध किया है। संगठन के प्रांतीय शाखा के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने नैनीताल में एक दिवसीय धरना प्रर्दशन किया। वहां प्रभागीय अध्यक्ष भुवन भट्ट, गिरीश चंद्र पांडे, चंचल सिंह अलचौनी, पवन चंद, जितेंद्र भट्ट, मनोज पंत आदि रहे।
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इधर रामनगर में भी विनियमित हुए कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ नहीं देने पर उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संगठन पश्चिमी क्षेत्र के सदस्याें ने क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। धरना देने वालों में अध्यक्ष सुरेश चंद्र सुयाल, मदन मोहन पांडे, चंद्र वल्लभ छिम्वाल, उमेश भट्ट, गिरीश पडलिया, तरुण जोशी, संजय पांडे, मोहन चौरसिया, माधवानंद द्विवेदी, त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, महेश तिवारी, डीएस अधिकारी, भूपाल सिंह भंडारी, ईश्वरी भट्ट आदि रहे। संवाद
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