बाढ़ सुरक्षा कंट्रोल रूम पर ‘कंट्रोल’ नहीं
बाढ़ सुरक्षा के लिहाज से तहसील में खोला गया कंट्रोल रूम खुद प्रशासन के कंट्रोल में नहीं है। कंट्रोल रूम में कर्मचारी हाजिरी लगाकर ड्यूटी से गायब हो रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम के छापे में इसका खुलासा हुआ। एसडीएम ने गायब कर्मचारियों से का जवाब तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला प्रशासन ने मानसून की बरसात के लिहाज से जिले के सभी तहसीलों में बाढ़ सुरक्षा कंट्रोल रूम खोल दिए हैं। कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। प्रशासन का दावा है कि कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई है। कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही बाढ़ सुरक्षा टीम मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों तक राहत एवं बचाव कार्य करेगी।
हल्द्वानी तहसील में भी बाढ़ सुरक्षा कंट्रोल रूम खोला गया है। कंट्रोल रूम में दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। बाकी कोई सुविधा नहीं है। तहसील में लगे फोन से ही कंट्रोल रूम का जोड़ा गया है। कर्मचारियों के गायब होने की सूचना पर मंगलवार को कंट्रोल रूम में छापा मारा। कंट्रोल रूम में कोई नहीं था। दोनों ही कर्मचारी गायब थे।
एसडीएम ने नायब तहसील और कर्मचारियों को बुलवाकर कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक कराया। रजिस्टर में एक कर्मचारी ने हाजिरी लगाई थी, जबकि दूसरा अनुपस्थित था। दोनों कर्मचारी नगर निगम के हैं।
पूछताछ में पता चला कि कर्मचारी आए थे और दूसरी शिफ्ट शुरू होने से पहले ही बिना बताए घर चले गए। एसडीएम ने मामले की जांच करने एवं गायब कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
तहसीलदार कार्यालय भी बंद था। फरियादी घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौटे। पूछताछ में पता चला कि तहसीलदार नैनीताल में ट्रेनिंग में गए हैं। उनका चार्ज नायब तहसीलदार के पास है।
तहसीलदार के नैनीताल जाने एवं चार्ज नायब तहसीलदार को दिए जाने का कोई नोटिस चस्पा नहीं था। जिससे फरियादी तहसीलदार कार्यालय के बाहर इंतजार में बैठे रहे।