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गौला नदी के पांच हजार वाहन खड़े हुए

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 01:08 AM IST
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Five thousand vehicles parked in the Gaula River
हल्द्वानी। शासन के नए नियमों के चलते गौला नदी के पांच हजार वाहन चौथे दिन भी उपखनिज लेने गौला नदी में नहीं उतरे। उधर 15 स्टोन क्रशरों ने उपखनिज लेना बंद कर दिया है। एक-दो दिन में गौला नदी से उपखनिज निकासी नहीं हुई तो बिहार-झारखंड और यूपी से आए मजदूर घर लौटने लगेंगे। इससे वन विकास निगम उपखनिज का तय लक्ष्य भी प्राप्त नहीं कर पाएगा और सरकार को भारी राजस्व घाटा उठाना पड़ेगा।
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गौला नदी से सरकार रॉयल्टी के रूप में करोड़ों कमाती है, लेकिन इस बार सरकार के नियमों के कारण गौला नदी से खनन नहीं हो पा रहा है। हाल ये है कि सरकार ने गौला नदी से निकलने वाले उपखनिज की मात्रा स्टोन क्रशरों की क्षमता के हिसाब से निर्धारित कर दी है। इस कारण 15 स्टोन क्रशरों ने उपखनिज खरीदना बंद कर दिया। पाल, जेपी और शांतिपुरी के दो स्टोन क्रशर ही उपखनिज खरीद रहे हैं। इस कारण पांच हजार वाहन खड़े हो गए हैं।
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बिहार से श्रमिक लेकर आने वाले ठेकेदार धर्मेंद्र, मुरारी लाल ने बताया कि पांच दिनों से श्रमिक खाली बैठे हुए हैं। काम नहीं मिलने के कारण श्रमिकों को उधार राशन लेकर काम चलाना पड़ रहा है। एक-दो दिन में अगर गौला नदी से उपखनिज निकासी नहीं होती है तो श्रमिक वापस जाना शुरू कर देंगे। डीएलएम वाईके श्रीवास्तव ने बताया कि श्रमिक लौट गए तो गौला से तय उपखनिज की निकासी नहीं होगी। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।
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