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हत्या के दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:10 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 30 रुपये के विवाद में दुकानदार की हत्या के दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को दो-दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पिछले साल तीन फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र के लाइन नंबर 18 निवासी फिरोज ने बनभूलपुरा चौकी में तहरीर देकर बताया था कि तीन फरवरी की शाम करीब छह बजे वह अपने पिता शमीम खान के साथ लाइन नंबर 18 में स्थित अपनी दुकान में था। तभी उसके पड़ोस में रहने वाले पुत्तन की बेटी सामिया 50 रुपये लेकर दुकान में सामान खरीदने गई थी। सामिया के घर लौटने के कुछ ही देर बाद उसके पिता पुत्तन और उनका बेटा आदिल दुकान में आए और सामान लेने के बाद शेष 30 रुपये वापस न करने का आरोप लगाते हुए फिरोज और शमीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर वादी की मां शाहजहां दुकान में पहुंची तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। अंदरूनी चोट लगने के चलते शमीम बेहोश हो गए।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में फिरोज की तहरीर पर पुत्तन और उसके पुत्र आदिल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302-34 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील शर्मा ने 12 गवाह पेश किए थे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया था। बीते सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पिता पुत्र पर हत्या का आरोप साबित हो गया था। शनिवार को न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सजा सुना दी।
पिछले साल तीन फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र के लाइन नंबर 18 निवासी फिरोज ने बनभूलपुरा चौकी में तहरीर देकर बताया था कि तीन फरवरी की शाम करीब छह बजे वह अपने पिता शमीम खान के साथ लाइन नंबर 18 में स्थित अपनी दुकान में था। तभी उसके पड़ोस में रहने वाले पुत्तन की बेटी सामिया 50 रुपये लेकर दुकान में सामान खरीदने गई थी। सामिया के घर लौटने के कुछ ही देर बाद उसके पिता पुत्तन और उनका बेटा आदिल दुकान में आए और सामान लेने के बाद शेष 30 रुपये वापस न करने का आरोप लगाते हुए फिरोज और शमीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर वादी की मां शाहजहां दुकान में पहुंची तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। अंदरूनी चोट लगने के चलते शमीम बेहोश हो गए।
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अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में फिरोज की तहरीर पर पुत्तन और उसके पुत्र आदिल के खिलाफ आईपीसी की धारा 302-34 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील शर्मा ने 12 गवाह पेश किए थे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया था। बीते सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पिता पुत्र पर हत्या का आरोप साबित हो गया था। शनिवार को न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सजा सुना दी।
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