फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Farmers can cultivate kiwi among monkeys and langurs: Dr. Sumit Purohit

बंदरों-लंगूरों के बीच कीवी की बागवानी कर सकते हैं किसान : डॉ. सुमित पुरोहित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
Farmers can cultivate kiwi among monkeys and langurs: Dr. Sumit Purohit
नैनीताल। नैनीताल के आसपास बंदर और लंगूरों से परेशान होकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने खेती व बागवानी कम कर दी है। इसे देखते हुए उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद क्षेत्रीय केंद्र पटवाडांगर की ओर से काश्तकारों को कीवी की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कीवी की खेती करने के सही तरीके बताए जा रहे हैं। इसके लिए कृषकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन

जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रभारी डॉ. सुमित पुरोहित ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से सही जानकारी प्राप्त कर किसान कीवी को आर्थिकी का साधन बना सकते हैं। पहाड़ों में समुद्र तल से एक हजार से दो हजार मीटर तक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कीवी पैदा की जा सकती है। कीवी में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह फल कई रोगों का निवारण करता है और इसे बंदर या लंगूर भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पहाड़ों में किसान कीवी का उत्पादन कर आर्थिकी को मजबूत कर सकता है। इससे पलायन की समस्या को कम किया जा सकता है। संस्थान की ओर से समय-समय पर कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद पहाड़ के कई लोगों ने कीवी की खेती की शुरुआत की है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed