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शहीदों के घरों की मिट्टी सैन्यधाम पहुंचाएंगे पूर्व सैनिक
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अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सैनिक सेवा परिषद उत्तराखंड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैन?
हल्द्वानी। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य शहीदों के घर से मिट्टी इकट्ठा कर उसे देहरादून स्थित सैन्यधाम पहुंचाएंगे। संगठन का विस्तार करने के लिए संगठन के सदस्य गांव-गांव तक जाएंगे। संगठन की बैठक में यह निर्णय लिए गए।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हिम्मतपुर मल्ला स्थित सरस्वती बैंक्वेट हॉल में हुई। मुख्य अतिथि दिल्ली से आए राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. जयप्रकाश शर्मा ने संगठन के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने बताया कि नवंबर में संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से एक-एक सदस्य लखनऊ जाएगा। अध्यक्षता कर्नल (रि.) वीरेंद्र सिंह ढैला ने की। बैठक में कर्नल पूरन सिंह ज्याला, कैप्टन पुष्कर सिंह बोरा, मेजर आनंद टंडन, सूबेदार मेजर गोविंद सिंह बड़ती, कैप्टन सोबन सिंह भट्ट, सूबेदार मेजर प्रकाश जोशी, आनंद सिंह बोरा(अल्मोड़ा), गोपाल सिंह नेगी (कोटद्वार), भूपाल सिंह (देहरादून), बलवीर सिंह (बागेश्वर), कैप्टन खुशाल सिंह महर, तारा सिंह, तुलसी रमोला आदि मौजूद थे।
कुमाऊं रायफल्स ने शेरोन दिवस मनाया
हल्द्वानी। कुमाऊं राइफल्स गौरव समिति ने भगवानपुर स्थित बैंक्वेट हॉल में शेरोन दिवस मनाया। बताया कि शेरोन की जंग में कुमाऊं रायफल्स के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
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वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं राइफल्स कुमाऊं रेजीमेंट की पहली बटालियन है। शेरोन की लड़ाई में कुमाऊं की पल्टन 60 लंदन इंफेंट्री डिविजन का हिस्सा थी। जवानों ने 18 सितंबर 1918 की रात टर्की की सेना को रौंदते हुए विजय हासिल की थी। युद्ध में दुश्मन सेना के 216 जवान मारे गए। इस जंग में कुमाऊं रायफल्स के एक जेसीओ और 35 जवान शहीद हो गए थे। शेरोन की जंग में शहीद सैनिकों के लिए समिति के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा। सभी लोगों ने बटालियन की सफलता की कामना की। इससे पहले पूर्व सैन्य अधिकारियों ने मां कालिका के जयकारे लगाए। बताया कि बटालियन ने 1947, 1965 और 1971 की जंग सहित अन्य युद्धों में दुश्मन को धूल चटाई। मुख्य अतिथि कर्नल दीपक चौबे ने कहा कि पल्टन की शौर्यगाथा सुनाई। कार्यक्रम में कैप्टन डीके उपाध्याय, अध्यक्ष कैप्टन राजेंद्र अधिकारी, कैप्टन प्रयाग सिंह, कैप्टन केडी पेंटोला, कैप्टन एचएस कपकोटी, सूबेदार मेजर हरीश बिष्ट, कैप्टन आरडी उप्रेती, कैप्टन भूपाल सिंह, सूबेदार मेजर जीवन सिंह, डीके दुम्का आदि मौजूद थे। संचालन नायब सूबेदार उमाकांत पाठक ने किया।
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अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हिम्मतपुर मल्ला स्थित सरस्वती बैंक्वेट हॉल में हुई। मुख्य अतिथि दिल्ली से आए राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. जयप्रकाश शर्मा ने संगठन के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने बताया कि नवंबर में संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से एक-एक सदस्य लखनऊ जाएगा। अध्यक्षता कर्नल (रि.) वीरेंद्र सिंह ढैला ने की। बैठक में कर्नल पूरन सिंह ज्याला, कैप्टन पुष्कर सिंह बोरा, मेजर आनंद टंडन, सूबेदार मेजर गोविंद सिंह बड़ती, कैप्टन सोबन सिंह भट्ट, सूबेदार मेजर प्रकाश जोशी, आनंद सिंह बोरा(अल्मोड़ा), गोपाल सिंह नेगी (कोटद्वार), भूपाल सिंह (देहरादून), बलवीर सिंह (बागेश्वर), कैप्टन खुशाल सिंह महर, तारा सिंह, तुलसी रमोला आदि मौजूद थे।
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कुमाऊं रायफल्स ने शेरोन दिवस मनाया
हल्द्वानी। कुमाऊं राइफल्स गौरव समिति ने भगवानपुर स्थित बैंक्वेट हॉल में शेरोन दिवस मनाया। बताया कि शेरोन की जंग में कुमाऊं रायफल्स के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी।
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वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं राइफल्स कुमाऊं रेजीमेंट की पहली बटालियन है। शेरोन की लड़ाई में कुमाऊं की पल्टन 60 लंदन इंफेंट्री डिविजन का हिस्सा थी। जवानों ने 18 सितंबर 1918 की रात टर्की की सेना को रौंदते हुए विजय हासिल की थी। युद्ध में दुश्मन सेना के 216 जवान मारे गए। इस जंग में कुमाऊं रायफल्स के एक जेसीओ और 35 जवान शहीद हो गए थे। शेरोन की जंग में शहीद सैनिकों के लिए समिति के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा। सभी लोगों ने बटालियन की सफलता की कामना की। इससे पहले पूर्व सैन्य अधिकारियों ने मां कालिका के जयकारे लगाए। बताया कि बटालियन ने 1947, 1965 और 1971 की जंग सहित अन्य युद्धों में दुश्मन को धूल चटाई। मुख्य अतिथि कर्नल दीपक चौबे ने कहा कि पल्टन की शौर्यगाथा सुनाई। कार्यक्रम में कैप्टन डीके उपाध्याय, अध्यक्ष कैप्टन राजेंद्र अधिकारी, कैप्टन प्रयाग सिंह, कैप्टन केडी पेंटोला, कैप्टन एचएस कपकोटी, सूबेदार मेजर हरीश बिष्ट, कैप्टन आरडी उप्रेती, कैप्टन भूपाल सिंह, सूबेदार मेजर जीवन सिंह, डीके दुम्का आदि मौजूद थे। संचालन नायब सूबेदार उमाकांत पाठक ने किया।