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पूर्व नौ सैनिकों 1971 की लड़ाई की यादें साझा कीं
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हल्द्वानी। नौ सैनिक कल्याण समिति की ओर से रविवार को 50 वां नौ सेना दिवस मनाया गया। इस मौके पर 1971 की लड़ाई की यादें साझा की गईं।
मुखानी चौराहा स्थित एक होटल में मुख्य अतिथि रिटायर्ड सर्जन रियर एडमिरल चारु चंद्र वर्मा ने 1971 में हुए भारत और पाकिस्तान युद्ध की चर्चा की। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर की रात भारतीय सेना ने पाक सेना को अपनी गौरवशाली शक्ति का एहसास कराया था। भारतीय नौ सैनिक आईएनएस निपट और आईएनएस निर्घट लेकर कराची बंदरगाह से 40 किमी दूर समुद्र में पहुंचे थे। भारतीय नौ सैनिकों ने मिसाइल से प्रहार कर पाकिस्तान का तेल डिपो उड़ा दिया। इसके साथ ही पाक की युद्धपोत गाजी और बाबर को समुद्र में डुबो दिया था। मिसाइलों का प्रहार इतना तगड़ा था कि कराची बंदरगाह की आग तीन दिनों तक जलती रही। पूर्व नौ सैनिक कल्याण समिति के संस्थापक आनंद सिंह ठठोला ने बताया कि वह दोनों युद्ध पोतों को एक अन्य जहाज से लेकर मुंबई बंदरगाह पर गए थे। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश युद्ध में भी नौ सेना ने पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों को सरेंडर कराने में अहम भूमिका निभाई।
इससे पूर्व रिटायर्ड सर्जन रियर एडमिरल चारु चंद्र वर्मा और उनकी पत्नी विनीता वर्मा ने दीप जलाकर कर कार्यक्रम की शुरूआत की। तमन्ना जोशी ने सरस्वती वंदना पेश किया। इस मौके पर नौ सेना कल्याण समिति के विपिन चंद्र भट्ट, चंदन सिंह डांगी, दीप चंद्र जोशी, संजय केवलानंद पंत, कुंदन सिंह अधिकारी, रमेश भट्ट, दिगंबर सिंह बिष्ट, सुधा जोशी, यशोदा बिष्ट, मंजू डांगी, महेश चंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
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मुखानी चौराहा स्थित एक होटल में मुख्य अतिथि रिटायर्ड सर्जन रियर एडमिरल चारु चंद्र वर्मा ने 1971 में हुए भारत और पाकिस्तान युद्ध की चर्चा की। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर की रात भारतीय सेना ने पाक सेना को अपनी गौरवशाली शक्ति का एहसास कराया था। भारतीय नौ सैनिक आईएनएस निपट और आईएनएस निर्घट लेकर कराची बंदरगाह से 40 किमी दूर समुद्र में पहुंचे थे। भारतीय नौ सैनिकों ने मिसाइल से प्रहार कर पाकिस्तान का तेल डिपो उड़ा दिया। इसके साथ ही पाक की युद्धपोत गाजी और बाबर को समुद्र में डुबो दिया था। मिसाइलों का प्रहार इतना तगड़ा था कि कराची बंदरगाह की आग तीन दिनों तक जलती रही। पूर्व नौ सैनिक कल्याण समिति के संस्थापक आनंद सिंह ठठोला ने बताया कि वह दोनों युद्ध पोतों को एक अन्य जहाज से लेकर मुंबई बंदरगाह पर गए थे। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश युद्ध में भी नौ सेना ने पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों को सरेंडर कराने में अहम भूमिका निभाई।
इससे पूर्व रिटायर्ड सर्जन रियर एडमिरल चारु चंद्र वर्मा और उनकी पत्नी विनीता वर्मा ने दीप जलाकर कर कार्यक्रम की शुरूआत की। तमन्ना जोशी ने सरस्वती वंदना पेश किया। इस मौके पर नौ सेना कल्याण समिति के विपिन चंद्र भट्ट, चंदन सिंह डांगी, दीप चंद्र जोशी, संजय केवलानंद पंत, कुंदन सिंह अधिकारी, रमेश भट्ट, दिगंबर सिंह बिष्ट, सुधा जोशी, यशोदा बिष्ट, मंजू डांगी, महेश चंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
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