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पूर्व सैनिक भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व : राज्यपाल
Tue, 26 May 2026 12:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 26 May 2026 12:43 AM IST
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एक शाम सैनिकों के नाम कार्यक्रम में सैनिक को सम्मानित करते राज्यपाल और मंत्री। स्रोत : सूचना वि
नैनीताल। लोक भवन में सोमवार को एक शाम सैनिकों के नाम कार्यक्रम में राज्यपाल ने वीरता पदक विजेताओं, पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को सम्मानित कर प्रशंसा पत्र प्रदान किए। उन्होंने पूर्व सैनिकों को भूतपूर्व नहीं, अभूतपूर्व की उपाधि दी। यह कार्यक्रम प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी की स्मृति को समर्पित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों के साहस, शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा को समर्पित है। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि भी बताया। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और रणनीतिक दक्षता का सशक्त उदाहरण बताया। राज्यपाल ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। उत्तराखंड के वीर जवानों का योगदान इसमें महत्वपूर्ण रहा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक परिवारों के योगदान को सराहा। यहां ब्रिगेडियर विनोद कुमार रौतेला, ब्रिगेडियर आरएस थापा, ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी आदि रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में कई सेवारत और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इनमें शौर्य चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा शामिल थे। सेना मेडल (वीरता) पाने वालों में ऑनरेरी कैप्टन रोशन सिंह और हवलदार दुबे जगदीश चंद्र नरोत्तम प्रमुख थे। नायक राहुल सिंह नागी, राइफल मैन दिवाकर सिंह, ग्रुप कैप्टन मनीश जोशी, ग्रुप कैप्टन तारा दत्त कर्नाटक, ग्रुप कैप्टन जुगल किशोर लोहनी, ले. कर्नल सूरज राणा, विंग कमांडर मयंक कुकरेती, स्क्वाड्रन लीडर कुनाल वर्मा, स्क्वाड्रन लीडर नमन भट्ट, मेजर सुभाष चंद घिल्डियाल, सूबेदार राजेन्द्र प्रसाद, सूबेदार कुंदन सिंह, सूबेदार महेश सिंह, हवलदार दीपक थापा, हवलदार केशव सिंह, हवलदार लंकेश, नायक मनोज सिंह बिष्ट। अर्धसैनिक बलों से देसाले चुन्नीलाल रामदास, विधि यादव, कैलाश चंद्र जोशी, अनुशा कुमारी, डांगे पायल एस, भूप सिंह, प्रकाश सिंह, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के आरक्षी गणेश मेहरा।
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राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों के साहस, शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा को समर्पित है। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि भी बताया। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और रणनीतिक दक्षता का सशक्त उदाहरण बताया। राज्यपाल ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। उत्तराखंड के वीर जवानों का योगदान इसमें महत्वपूर्ण रहा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक परिवारों के योगदान को सराहा। यहां ब्रिगेडियर विनोद कुमार रौतेला, ब्रिगेडियर आरएस थापा, ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी आदि रहे।
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इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में कई सेवारत और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इनमें शौर्य चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा शामिल थे। सेना मेडल (वीरता) पाने वालों में ऑनरेरी कैप्टन रोशन सिंह और हवलदार दुबे जगदीश चंद्र नरोत्तम प्रमुख थे। नायक राहुल सिंह नागी, राइफल मैन दिवाकर सिंह, ग्रुप कैप्टन मनीश जोशी, ग्रुप कैप्टन तारा दत्त कर्नाटक, ग्रुप कैप्टन जुगल किशोर लोहनी, ले. कर्नल सूरज राणा, विंग कमांडर मयंक कुकरेती, स्क्वाड्रन लीडर कुनाल वर्मा, स्क्वाड्रन लीडर नमन भट्ट, मेजर सुभाष चंद घिल्डियाल, सूबेदार राजेन्द्र प्रसाद, सूबेदार कुंदन सिंह, सूबेदार महेश सिंह, हवलदार दीपक थापा, हवलदार केशव सिंह, हवलदार लंकेश, नायक मनोज सिंह बिष्ट। अर्धसैनिक बलों से देसाले चुन्नीलाल रामदास, विधि यादव, कैलाश चंद्र जोशी, अनुशा कुमारी, डांगे पायल एस, भूप सिंह, प्रकाश सिंह, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के आरक्षी गणेश मेहरा।
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एक शाम सैनिकों के नाम कार्यक्रम में सैनिक को सम्मानित करते राज्यपाल और मंत्री। स्रोत : सूचना वि