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त्योहार के दिन भी डेढ़ लाख के हलक सूखे
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बिठौरिया और कुसुमखेड़ा की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
हल्द्वानी। मुख्य पेयजल लाइन टूटने के कारण दिवाली त्योहार पर भी डेढ़ लाख से अधिक लोग पेयजल के लिए परेशान रहे। बमौरी, दमुवाढूंगा, लालडॉठ, कुसुमखेड़ा, ऊंचापुल इलाके की पेयजल आपूर्ति ठप रही।
जलसंस्थान टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कराने में नाकाम है। लोगों ने 600 रुपये में निजी टैंकरों से पानी खरीदा। गैस पाइप लाइन की खोदाई के दौरान जलसंस्थान की दमुवाढूंगा-लालडांठ-कुसुमखेड़ा क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति करने वाली 14 इंच की मुख्य पेयजल लाइन तीन दिन पूर्व तोड़ दी गई है। गैस पाइप लाइन खोदाई का काम एचपीसीएल कंपनी करा रही है। कंपनी जेसीबी से खोदाई करा रही है। कंपनी श्रमिकों ने यह पेयजल लाइन पांचवीं बार तोड़ी है। पेयजल लाइन टूटने से इलाके की करीब 1.50 लाख की आबादी प्रभावित है।
प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है लेकिन बड़े इलाके की आपूर्ति बाधित होने से सभी लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियों का कहना है कि अभी पेयजल लाइन दुरुस्त करने में दो तीन दिन का समय लग सकता है।
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कोट
एचपीसीएल कंपनी के श्रमिकों ने पाइप लाइन बिछाने के लिए ड्रिलिंग के दौरान 110 मीटर सीमेंट की पेयजल लाइन तोड़ी है। इस स्थान पर अब एमएसईआरडब्ल्यू (लोहे) की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पाइप खरीदने के लिए एई को कह दिया गया है। मैनुअल काम कराने के लिए कंपनी को कहा गया लेकिन कंपनी ने पहले जेसीबी से काम कराने के दौरान लाइन तोड़ी। अब ड्रिलिंग के दौरान लाइन तोड़ दी है। एचपीसीएल कंपनी ने जलसंस्थान से किसी तरह की अनापत्ति भी नहीं ली है। कंपनी की ओर से कई बार लाइन तोड़ी गई है। अब सोमवार को स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
- संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
जलसंस्थान की बेरुखी जनता पर पड़ रही भारी
हल्द्वानी। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलसंस्थान को जिम्मा सौंपा गया है। जलसंस्थान अपने स्वामित्व की पेयजल लाइनों की देखरेख करने में लापरवाह बना हुआ है। निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल लाइनों को तोड़कर शहरवासियों को पेयजल से वंचित करना जलसंस्थान को कठघरे में खड़ा करता है।
एक कंपनी शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई का काम कर रही है और उसी खोदाई के दौरान बार-बार जलसंस्थान की पेयजल लाइन तोड़ी जा रही है। जलसंस्थान मामले में चुप्पी साधे हुए है। जलसंस्थान की पेयजल लाइन तोड़े जाने से शहर की करीब 1.50 लाख की आबादी तो तीन दिनों से पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अप्राकृतिक रूप से पेयजल संकट पैदा होने पर जलसंस्थान को या तो लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए या फिर पेयजल के लिए खर्च की जा रही रकम की क्षतिपूर्ति करानी चाहिए। एचपीसीएल कंपनी की ओर से कई बार पेयजल लाइन तोड़ी गई है। पेयजल लाइन के समीप खोदाई तो की जा रही है लेकिन इसके लिए जलसंस्थान से अनापत्ति भी नहीं ली गई है।
जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब मामले से प्रशासन को अवगत कराकर मदद मांगी जाएगी।
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जलसंस्थान टैंकरों से पेयजल आपूर्ति कराने में नाकाम है। लोगों ने 600 रुपये में निजी टैंकरों से पानी खरीदा। गैस पाइप लाइन की खोदाई के दौरान जलसंस्थान की दमुवाढूंगा-लालडांठ-कुसुमखेड़ा क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति करने वाली 14 इंच की मुख्य पेयजल लाइन तीन दिन पूर्व तोड़ दी गई है। गैस पाइप लाइन खोदाई का काम एचपीसीएल कंपनी करा रही है। कंपनी जेसीबी से खोदाई करा रही है। कंपनी श्रमिकों ने यह पेयजल लाइन पांचवीं बार तोड़ी है। पेयजल लाइन टूटने से इलाके की करीब 1.50 लाख की आबादी प्रभावित है।
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प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है लेकिन बड़े इलाके की आपूर्ति बाधित होने से सभी लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जलसंस्थान के अधिकारियों का कहना है कि अभी पेयजल लाइन दुरुस्त करने में दो तीन दिन का समय लग सकता है।
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कोट
एचपीसीएल कंपनी के श्रमिकों ने पाइप लाइन बिछाने के लिए ड्रिलिंग के दौरान 110 मीटर सीमेंट की पेयजल लाइन तोड़ी है। इस स्थान पर अब एमएसईआरडब्ल्यू (लोहे) की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। पाइप खरीदने के लिए एई को कह दिया गया है। मैनुअल काम कराने के लिए कंपनी को कहा गया लेकिन कंपनी ने पहले जेसीबी से काम कराने के दौरान लाइन तोड़ी। अब ड्रिलिंग के दौरान लाइन तोड़ दी है। एचपीसीएल कंपनी ने जलसंस्थान से किसी तरह की अनापत्ति भी नहीं ली है। कंपनी की ओर से कई बार लाइन तोड़ी गई है। अब सोमवार को स्थानीय प्रशासन को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
- संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
जलसंस्थान की बेरुखी जनता पर पड़ रही भारी
हल्द्वानी। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलसंस्थान को जिम्मा सौंपा गया है। जलसंस्थान अपने स्वामित्व की पेयजल लाइनों की देखरेख करने में लापरवाह बना हुआ है। निर्माण कार्यों के दौरान पेयजल लाइनों को तोड़कर शहरवासियों को पेयजल से वंचित करना जलसंस्थान को कठघरे में खड़ा करता है।
एक कंपनी शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई का काम कर रही है और उसी खोदाई के दौरान बार-बार जलसंस्थान की पेयजल लाइन तोड़ी जा रही है। जलसंस्थान मामले में चुप्पी साधे हुए है। जलसंस्थान की पेयजल लाइन तोड़े जाने से शहर की करीब 1.50 लाख की आबादी तो तीन दिनों से पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अप्राकृतिक रूप से पेयजल संकट पैदा होने पर जलसंस्थान को या तो लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए या फिर पेयजल के लिए खर्च की जा रही रकम की क्षतिपूर्ति करानी चाहिए। एचपीसीएल कंपनी की ओर से कई बार पेयजल लाइन तोड़ी गई है। पेयजल लाइन के समीप खोदाई तो की जा रही है लेकिन इसके लिए जलसंस्थान से अनापत्ति भी नहीं ली गई है।
जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब मामले से प्रशासन को अवगत कराकर मदद मांगी जाएगी।