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Nainital News: तीन साल बाद भी आयुर्वेदिक अस्पताल में आईपीडी संचालन नहीं
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हल्द्वानी। तीन साल से संचालित 50 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल में अभी तक आईपीडी सेवाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। इसकी वजह से मरीजों का उपचार सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है।
करोड़ों की लागत से तैयार हुई अस्पताल की इमारत पूरी क्षमता से मरीजों को उपचार नहीं दे पा रही है। आयुर्वेद विधा की पंचकर्म जैसी सुविधाएं भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल में आईपीडी संचालन के लिए नर्सिंग स्टाफ, योग अनुदेशक, फार्मासिस्ट, स्टोर कीपर, र्क्लक, चौकीदार, वार्ड ब्वाय, सफाईकर्मी, पंचकर्म सहायक सहित 25 से अधिक पद रिक्त हैं।
आयुर्वेदिक चिकित्सा के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप मेहरा से बताया कि जिला आयुष अधिकारी डॉ. एमएस गुंजाल को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीडी सेवाओं के संचालन की फाइल शासन में अटकी हुई है। शासन से पद की रिक्तियां भरने के बाद और संचालन की अनुमति मिलने के बाद ही कुछ हो सकता है। उनकी ओर से इस संबंध में लगातार शासन में पैरवी की जा रही है।
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करोड़ों की लागत से तैयार हुई अस्पताल की इमारत पूरी क्षमता से मरीजों को उपचार नहीं दे पा रही है। आयुर्वेद विधा की पंचकर्म जैसी सुविधाएं भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल में आईपीडी संचालन के लिए नर्सिंग स्टाफ, योग अनुदेशक, फार्मासिस्ट, स्टोर कीपर, र्क्लक, चौकीदार, वार्ड ब्वाय, सफाईकर्मी, पंचकर्म सहायक सहित 25 से अधिक पद रिक्त हैं।
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आयुर्वेदिक चिकित्सा के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप मेहरा से बताया कि जिला आयुष अधिकारी डॉ. एमएस गुंजाल को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीडी सेवाओं के संचालन की फाइल शासन में अटकी हुई है। शासन से पद की रिक्तियां भरने के बाद और संचालन की अनुमति मिलने के बाद ही कुछ हो सकता है। उनकी ओर से इस संबंध में लगातार शासन में पैरवी की जा रही है।
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