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राष्ट्रीय राजमार्ग 87 का टोल प्लाजा हो सकता है शिफ्ट
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 27 Oct 2017 02:01 AM IST
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एनएच में हाथी कॉरिडोर बाधक
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। रामपुर से काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग 87 के चौड़ीकरण में हाथी कॉरिडोर का पेच फंस गया है। वन महकमे की आपत्ति के बाद नगला पर प्रस्तावित टोल प्लाजा शिफ्ट होने की नौबत आ गई है। टोल प्लाजा को नगला-पंतनगर मार्ग पर शिफ्ट किए जाने को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों ने बैठक के बाद संयुक्त सर्वे भी किया। हालांकि अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है।
बृहस्पतिवार को वानिकी प्रशिक्षण अकादमी के शताब्दी भवन के सभागार में प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव दिग्विजय सिंह खाती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिकारियों की संयुक्त वार्ता हुई। प्राधिकरण के महाप्रबंधक पर्यावरण डॉ. बी मुकोपाध्याय ने कहा कि राजमार्ग 87 के चौड़ीकरण में नगला लालकुआं के बीच में करीब 3.6 किमी और लालकुआं से इंडियन आयल डिपो के बीच 1.6 किमी के टुकड़े में हाथी कॉरिडोर है इस पर वन महकमे ने आपत्ति लगाई है इसकी वजह से चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने नगला बरेली रोड पर मजार के पास टोल प्लाजा भी बनाए जाने की डिजाईन की जानकारी दी। इस पर पश्चिमी वन वृत्त के संरक्षक डॉ. पराग मुधकर धकाते ने आपत्ति जताते हुए कहा कि टोल प्लाजा प्रस्तावित है वहां हाथी कॉरिडोर है, प्लाजा में गाड़ियों की आवाजाही से वन्य जीवों के रास्ते में दखल बढ़ेगी जो वन्य जीवों और इंसानों दोनों के लिए हानिकारक है। वहीं आईओसी डिपो के पास में एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने परियोजना की लागत बढ़ने का हवाला देते हाथ खड़े कर दिए।
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फिलहाल दोनों विभागों की माथा पच्ची के बाद नगला से पंतनगर रूट पर टोल प्लाजा शिफ्ट किए जाने का सुझाव दिया गया। इसे लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों की गहमागहमी भी हुई। हालांकि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला लेकिन यह तय हुआ कि वन अधिकारियों के सुझावों के अनुसार प्राधिकरण संभावनाओं की जांच करे और नया डिजाइन तैयार वन अधिकारियों को दे। प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक की मुहर के बाद ही प्लाजा काम शुरू हो पाएगा।
वहीं प्राधिकरण ने वन भूमि हस्तांतरण होने तक कार्य शुरू करने की अनुमति मांगी। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी नीतिश मणि त्रिपाठी, चंद्रशेखर सनवाल, कल्याणी, कर्नल संदीप कार्की, नवीन चंद्र पंत, यूसी तिवारी, आरडी सती आदि मौजूद थे।
सर्वे को पहुंचीं टीम
लालकुआं। नगला पंतनगर मार्ग पर टोल प्लाजा की संभावनाओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया। अधिकारियों ने आईओसी डिपो से लेकर अवंतिका कुंज देवी मंदिर तक हाइवे, वीआईपी गेट से लेकर नगला बाईपास तक की फोरलेन योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान चौड़ीकरण में आ रही वन भूमि आदि का भी सर्वे हुआ। अब जल्द ही एक रिपोर्ट बनाकर वन महकमे को दी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को वानिकी प्रशिक्षण अकादमी के शताब्दी भवन के सभागार में प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव दिग्विजय सिंह खाती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिकारियों की संयुक्त वार्ता हुई। प्राधिकरण के महाप्रबंधक पर्यावरण डॉ. बी मुकोपाध्याय ने कहा कि राजमार्ग 87 के चौड़ीकरण में नगला लालकुआं के बीच में करीब 3.6 किमी और लालकुआं से इंडियन आयल डिपो के बीच 1.6 किमी के टुकड़े में हाथी कॉरिडोर है इस पर वन महकमे ने आपत्ति लगाई है इसकी वजह से चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने नगला बरेली रोड पर मजार के पास टोल प्लाजा भी बनाए जाने की डिजाईन की जानकारी दी। इस पर पश्चिमी वन वृत्त के संरक्षक डॉ. पराग मुधकर धकाते ने आपत्ति जताते हुए कहा कि टोल प्लाजा प्रस्तावित है वहां हाथी कॉरिडोर है, प्लाजा में गाड़ियों की आवाजाही से वन्य जीवों के रास्ते में दखल बढ़ेगी जो वन्य जीवों और इंसानों दोनों के लिए हानिकारक है। वहीं आईओसी डिपो के पास में एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने परियोजना की लागत बढ़ने का हवाला देते हाथ खड़े कर दिए।
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फिलहाल दोनों विभागों की माथा पच्ची के बाद नगला से पंतनगर रूट पर टोल प्लाजा शिफ्ट किए जाने का सुझाव दिया गया। इसे लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों की गहमागहमी भी हुई। हालांकि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला लेकिन यह तय हुआ कि वन अधिकारियों के सुझावों के अनुसार प्राधिकरण संभावनाओं की जांच करे और नया डिजाइन तैयार वन अधिकारियों को दे। प्रमुख वन्य जीव प्रतिपालक की मुहर के बाद ही प्लाजा काम शुरू हो पाएगा।
वहीं प्राधिकरण ने वन भूमि हस्तांतरण होने तक कार्य शुरू करने की अनुमति मांगी। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी नीतिश मणि त्रिपाठी, चंद्रशेखर सनवाल, कल्याणी, कर्नल संदीप कार्की, नवीन चंद्र पंत, यूसी तिवारी, आरडी सती आदि मौजूद थे।
सर्वे को पहुंचीं टीम
लालकुआं। नगला पंतनगर मार्ग पर टोल प्लाजा की संभावनाओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और वन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया। अधिकारियों ने आईओसी डिपो से लेकर अवंतिका कुंज देवी मंदिर तक हाइवे, वीआईपी गेट से लेकर नगला बाईपास तक की फोरलेन योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान चौड़ीकरण में आ रही वन भूमि आदि का भी सर्वे हुआ। अब जल्द ही एक रिपोर्ट बनाकर वन महकमे को दी जाएगी।