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Nainital News: सत्ता और पैसे कमाने का जरिया बन गया चुनाव
Tue, 29 Jul 2025 02:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 29 Jul 2025 02:52 AM IST
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हल्द्वानी। 21 साल पहले पंचायत चुनाव में व्यक्तित्व को देखकर वोट मिलता था लेकिन अब धनबल हावी हो गया है। मतदाता विकास की जगह निजी स्वार्थ को तवज्जो दे रहा है। यह बात पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश आर्य ने कही। वर्ष 1996 में वह पनियाली सीट से सदस्य चुने गए आर्य ने बताया कि अब परिपाटी बदल गई है। प्रत्याशी धनबल के सहारे सत्ता पाना चाहते हैं और पद की आड़ में रुपया कमाना चाहते हैं। इसी लालसा में प्रत्याशी मतदाताओं को प्रलोभन देने से भी नहीं चूक रहे हैं।
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30 फीसदी राशि की होती है बंदरबांट
हरीश आर्य के अनुसार अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास कार्यों में कमीशनखोरी के खिलाफ अभियान चलाया था। इसका खुलासा करने के लिए उन्होंने ठेेकेदारी में रजिस्ट्रेशन कराया और ठेके लिए। वहां कमीशनखोरी का आलम यह था कि 30 फीसदी धनराशि की बंदरबांट होती थी। बाद में उन्होंने कंडीशनल रिजाइन दे दिया। पिता के नक्शे कदम पर उनकी पुत्री रागिनी आर्य भी चली, इससे पहले वाले चुनाव में वह सबसे कम उम्र की प्रधान बनीं।
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30 फीसदी राशि की होती है बंदरबांट
हरीश आर्य के अनुसार अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास कार्यों में कमीशनखोरी के खिलाफ अभियान चलाया था। इसका खुलासा करने के लिए उन्होंने ठेेकेदारी में रजिस्ट्रेशन कराया और ठेके लिए। वहां कमीशनखोरी का आलम यह था कि 30 फीसदी धनराशि की बंदरबांट होती थी। बाद में उन्होंने कंडीशनल रिजाइन दे दिया। पिता के नक्शे कदम पर उनकी पुत्री रागिनी आर्य भी चली, इससे पहले वाले चुनाव में वह सबसे कम उम्र की प्रधान बनीं।
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