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फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर बनने लगा ईको ब्रिज
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रामनगर कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर बना ईको ब्रिज, जिसकी तर्ज पर फतेहपुर-मीठाआंवला मार्ग पर ईको ब्?
- फोटो : RAMNAGAR
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जीवन कुमार
रामनगर। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर बने ईको ब्रिज की तर्ज पर अब फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर भी ईको ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। ईको ब्रिज बनने से सरीसृप प्रजाति के जीव आसानी से सड़क को आर-पार कर सकेंगे। पुल निर्माण में रस्सी, बांस और घास का प्रयोग किया जा रहा है।
फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग से नैनीताल को जाने वाले मार्ग पर यह ब्रिज बन रहा है। यह इलाका मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र है। यहां पर सरीसृप प्रजाति के जीव पेड़, बिलों और पानी में रहते हैं। फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियां इन जानवरों के लिए अनुकूल हैं। मिश्रित वनों (घने जंगल) के बीच सड़क गुजरती है। जंगल से निकलकर सड़क आर-पार करने में अधिकतर प्राणी हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसे देखते हुए कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर साल 2020 में ईको ब्रिज बनाया गया था, जो कारगर साबित हुआ है।
इसी तर्ज पर अब रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में आने वाले फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर भी ईको ब्रिज बन रहा है। यह ब्रिज 10 से 15 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा। ब्रिज की चौड़ाई पांच फुट है और ऊंचाई 40 फुट है। पुल तीन वयस्क मनुष्यों का वजन ढो सकता है।
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सरीसृप वर्ग के जीवों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर ईको ब्रिज बनाया जा रहा है। सड़क के ऊपर बनाए लकड़ी के इस ब्रिज से रेंगने वाले जीव आसानी से इधर-उधर जा सकेंगे। ब्रिज के निर्माण पर दो लाख रुपये खर्च होंगे।
चंद्रशेखर जोशी, डीएफओ रामनगर वन प्रभाग
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रामनगर। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर बने ईको ब्रिज की तर्ज पर अब फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर भी ईको ब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। ईको ब्रिज बनने से सरीसृप प्रजाति के जीव आसानी से सड़क को आर-पार कर सकेंगे। पुल निर्माण में रस्सी, बांस और घास का प्रयोग किया जा रहा है।
फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग से नैनीताल को जाने वाले मार्ग पर यह ब्रिज बन रहा है। यह इलाका मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र है। यहां पर सरीसृप प्रजाति के जीव पेड़, बिलों और पानी में रहते हैं। फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियां इन जानवरों के लिए अनुकूल हैं। मिश्रित वनों (घने जंगल) के बीच सड़क गुजरती है। जंगल से निकलकर सड़क आर-पार करने में अधिकतर प्राणी हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसे देखते हुए कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर साल 2020 में ईको ब्रिज बनाया गया था, जो कारगर साबित हुआ है।
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इसी तर्ज पर अब रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में आने वाले फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर भी ईको ब्रिज बन रहा है। यह ब्रिज 10 से 15 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा। ब्रिज की चौड़ाई पांच फुट है और ऊंचाई 40 फुट है। पुल तीन वयस्क मनुष्यों का वजन ढो सकता है।
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सरीसृप वर्ग के जीवों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए फतेहपुर-मीठा आंवला मार्ग पर ईको ब्रिज बनाया जा रहा है। सड़क के ऊपर बनाए लकड़ी के इस ब्रिज से रेंगने वाले जीव आसानी से इधर-उधर जा सकेंगे। ब्रिज के निर्माण पर दो लाख रुपये खर्च होंगे।
चंद्रशेखर जोशी, डीएफओ रामनगर वन प्रभाग