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Nainital News: अंतरराष्ट्रीय कंजर्वेशन कांग्रेस में डॉ. हर्ष चौहान ने किया देश का प्रतिनिधित्व
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्री डॉ. हर्ष कुमार चौहान ने काठमांडू में 3 से 5 जून तक आयोजित कंजर्वेशन एशिया कांग्रेस नेपाल में भारत का प्रतिनिधित्व कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
डॉ. चौहान ने बताया कि महासम्मेलन में 42 देशों के लगभग 500 संरक्षण वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। उन्होंने प्रोग्रेस एंड प्रायोरिटीज फॉर द आईयूसीएन रेड लिस्ट असेसमेंट ऑफ हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स विषय पर व्याख्यान दिया। हिमालयी औषधीय पौधों के संरक्षण मूल्यांकन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया। डॉ. चौहान ने ट्रैफिक इंटरनेशनल की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर ब्रायोनी मॉर्गन, जेम्स स्टीवंस और डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के प्रो. कार्स्टन स्मिथ-हॉल के साथ सतत व्यापार और संयुक्त अनुसंधान पर चर्चा की। इस बातचीत का बड़ा फायदा यह हुआ कि भारत, नेपाल, चीन और डेनमार्क मिलकर हिमालय के पेड़-पौधों और जड़ी-बूटियों को बचाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ग्रुप बनाने जा रहे हैं। इसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी शामिल किया जाएगा जिससे भविष्य में रिसर्च के लिए भारी बजट मिलने की उम्मीद है।
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डॉ. चौहान ने बताया कि महासम्मेलन में 42 देशों के लगभग 500 संरक्षण वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। उन्होंने प्रोग्रेस एंड प्रायोरिटीज फॉर द आईयूसीएन रेड लिस्ट असेसमेंट ऑफ हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स विषय पर व्याख्यान दिया। हिमालयी औषधीय पौधों के संरक्षण मूल्यांकन की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को साझा किया। डॉ. चौहान ने ट्रैफिक इंटरनेशनल की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर ब्रायोनी मॉर्गन, जेम्स स्टीवंस और डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के प्रो. कार्स्टन स्मिथ-हॉल के साथ सतत व्यापार और संयुक्त अनुसंधान पर चर्चा की। इस बातचीत का बड़ा फायदा यह हुआ कि भारत, नेपाल, चीन और डेनमार्क मिलकर हिमालय के पेड़-पौधों और जड़ी-बूटियों को बचाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ग्रुप बनाने जा रहे हैं। इसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय को भी शामिल किया जाएगा जिससे भविष्य में रिसर्च के लिए भारी बजट मिलने की उम्मीद है।
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