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Nainital News: बेसमेंट में कारोबार से खुल रहा खतरे का दरवाजा

Wed, 24 Jun 2026 12:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 24 Jun 2026 12:37 AM IST
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Doing business in the basement opens the door to danger
हल्द्वानी। नियम कानून को धता बताते हुए कई कारोबारी बेसमेंट में धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में आपदा की आपदा की स्थिति में यहां लोगों की जान दांव पर लगी हुई है। शहर में कई कोचिंग सेंटर और अस्पतालों की पैथलॉजी लैब बेसमेंट में चल रहे हैं। यहां न तो पर्याप्त वेंटिलेशन है और न ही आपातकालीन निकासी के उचित इंतजाम। कुछ है तो केवल चार दीवारों के बीच मौत का खतरा। बेसमेंट में अस्पताल अथवा पैथलाजी लैब चलाना उत्तराखंड बिल्डिंग बायलॉज 2011 और दमकल अधिनियम का उल्लंघन है। यही नहीं यूजीसी और राज्य सरकार के गाइडलाइन में भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
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बेसमेंट में पार्किंग और स्टोरेज की ही इजाजत
बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक बेसमेंट में सिर्फ पार्किंग व स्टोरेज की ही इजाजत है। यहां नैनीताल रोड, दुर्गा सिटी सेंटर, कालाढूंगी रोड, मुखानी और बरेली रोड में कई मॉल जैसी इमारतों के बेसमेंट में कारोबारी गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
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चंद मिनटों में भर जाता है धुआं
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी व्यावसायिक भवन के बेसमेंट में आग लग जाए तो वहां फायर सेफ्टी के बिना चंद मिनटों में ही धुआं भर जाता है। ऐसे में यदि धुएं के निकलने की जगह न हो तो वहां काम कर रहे लोगों का दम घुटना तय है।
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बेसमेंट में न खिड़की न पर्याप्त ऑक्सीजन
शहर के कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। यहां सुबह से शाम तक अलग-अलग पालियों में बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। बेसमेंट में न तो कोई खिड़की होती है और न ही यहां पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई। शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से कभी आग लग जाए तो भगदड़ मचना तय है।
नगर निगम का टैक्स काउंटर भी बेसमेंट में
नगर निगम का टैक्स काउंटर भी बेसमेंट में संचालित होता है। इसके अलावा निगम की कई अन्य गतिविधियां भी इसी बेसमेंट से चलती हैं। यहां भी सुबह से शाम तक कई लोगों की आवाजाही होती है।
जानते सब हैं मगर कोई कुछ नहीं करता
ऐसा नहीं है कि प्रशासनिक अधिकारियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, पैथलॉजी लैब आदि के संचालन की जानकारी नहीं है। सब पता होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग और दमकल विभाग किसी तरह की कार्रवाई नहीं करता है। इससे इन विभागों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

यह हो कार्रवाई
- बेसमेंट वाले सभी संस्थान तुरंत शिफ्ट कराए जाएं।
- स्वास्थ्य विभाग, प्राधिकरण, नगर निगम और दमकल की टीम संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई करे
- किसी तरह का हादसा होने की स्थिति में भवन स्वामी और संबंधित कारोबारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

पूर्व में शहर के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन और प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से सर्वे किया था। शिकायतें सही पाई गई थीं जिसके बाद कई कोचिंग केंद्रों को सील किया गया था। यदि अब फिर से बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो शीघ्र दोबारा सर्वे कर ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। - एपी बाजपेयी सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी


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