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जाम से जूझता कैंचीधाम: डीएम, एसएसपी और मंडलायुक्त सब रहे यहां तैनात, फिर भी समाधान नहीं; जानें इनके जवाब?

Sat, 03 Oct 2026 11:47 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: Heera Updated Sat, 03 Oct 2026 11:47 AM IST
सार

हल्द्वानी के रानीबाग से कैंचीधाम तक लगने वाला जाम कोई नई चुनौती नहीं है। 12 साल नैनीताल में बिता चुके मंडलायुक्त दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी तीनों इस इलाके से अनभिज्ञ नहीं हैं, फिर भी स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए।

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DM, SSP and Commissioner have no permanent solution to the Ranibagh-Kainchidham jam
डीएम, एसएसपी और मंडलायुक्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हल्द्वानी शहर के रानीबाग से कैंचीधाम तक लगने वाला जाम कोई नई चुनौती नहीं है। 2007 बैच के आईएएस दीपक रावत अपनी 19 साल की. नौकरी के दौरान करीब 12 साल नैनीताल जिले में बिता चुके हैं। वह अब तक यहां एसडीएम, सीडीओ, डीएम भी रह चुके हैं। लंबे समय से कुमाऊं में मंडलायुक्त हैं। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल भी सीडीओ, एडीएम और आरएफसी कुमाऊं के तौर पर नैनीताल जिले में तैनात रह चुके हैं। एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी भी इस इलाके से. अनभिज्ञ नहीं हैं। फिर भी स्थायी समाधान के सवाल पर तीनों के जवाब बाईपास, पुल, पार्किंग और रोपवे की योजनांओं, हनुमान अंश फिल्म की वजह से भीड़ बढ़ने और पत्राचार करने तक सीमित हैं।

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सवाल सीधा है... जब समस्या और उसकी क्षमता का पता वर्षों से है तो जाम रॉकने की ठोस व्यवस्था अब तक क्यों नहीं बनी... अमर उजाला ने इन तीनों अधिकारियों से तीन सवाल पूछे तीनों के जवाब आप भी पढ़िए और व्हाट्सएप नंबर 7617700877 पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दीजिए...
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सवाल- रानीबाग से कैंचीधाम तक वीकेंड और पर्यटन सीजन में जाम एक दशक से ज्यादा पुरानी समस्या है। प्रशासन के पास वर्षों से इसका अनुभव और ट्रैफिक का डाटा भी है। स्थायी समाधान के लिए अब तक क्या किया?

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आयुक्त: काठगोदाम से भीमताल की ओर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गौला के समानांतर काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास बनाया जा रहा है। इसमें एक छोर से काम शुरू हो चुका है। इससे काठगोदाम से भीमताल की ओर जाने वाले वाहन सीधे निकल जाएंगे। अभी गुलाबघाटी में सड़क कुछ संकरी है। बाईपास बनने से वाहन सीधे गुजर जाएंगे। कलसिया नाले पर अस्थाई बैली ब्रिज का काम भी पूरा होने वाला है। इस ब्रिज के बनने के बाद वहां पक्का पुल प्रस्तावित है। इसके टैंडर हो चुके हैं। डबल लेन पक्का पुल बनने के बाद कलसिया पुल पर भी जाम की स्थिति नहीं रहेगी। रानीबाग से नैनीताल और कैंची धाम के लिए रोपवे की योजना पर भी काम चल रहा है।

डीएम :-काठगोदाम अमृतपुर बाईपास के अलावा हरतपा, खैरना, गरमपानी में छोटे-छोटे बाईपास स्वीकृत हुए हैं। इनके लिए बजट भी मिल गया है। कुछ का टेंडर भी हो चुका है। जल्द ही इनका काम शुरू कराया जाएगा। रिंग रोड को भी शासन से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। इसके अलावा लालकुआं से भी एक बाईपास बनाया जा रहा है। इनके बनने से यातायात सुगम होगा।

एसएसपी :- वीकेंड पर पिछले महीनों के मुकाबले अभी सैलानियों की संख्या बढ़ी है, यातायात व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस लाइन समेत विभागों में तैनात कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। सितंबर में हुई भारी बारिश के बाद दिक्कत बढ़ी है, पर्वतीय मार्ग पर दो गांव समेत कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कों को नुकसान पहुंचा है, कई स्थानों पर एक ही वाहन निकलने की जगह बची है। हाइवे समेत अन्य सड़कों की मरम्मत के लिए प्रशासन को पत्राचार किया गया है।

सवाल :- जब पता है कि कितने वाहनों पर सड़क की क्षमता जवाब दे देती है, तो उससे पहले ट्रैफिक को नियंत्रित क्यों नहीं किया जाता? क्या रानीबाग-कैंचीधाम कॉरिडोर की वाहन वहन क्षमता, पार्किंग क्षमता और कैंचीधाम की धारण क्षमता को जोड़कर कोई ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जिसमें क्षमता पूरी होने से पहले वाहनों को नियंत्रित किया जा सके?

आयुक्त :-हाल के वर्षों में रानीबाग-भीमताल-कैंचीधाम रोड पर वाहनों की संख्या बढ़ी है। ऐसी व्यवस्था तभी बन पाएगी जब वाहनों की संख्या निर्धारित की जाएगी, लेकिन अभी इस रूट पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने पर विचार नहीं किया जा रहा है क्योंकि यह मुद्दा सैकड़ों लोगों के रोजगार और तीर्थाटन से भी जुड़ा है। भविष्य में स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक कर कैंची धाम जाने वाले यात्रियों के पंजीकरण और प्रतिदिन वहां जाने वाले वाहनों की संख्या तय करने पर विचार किया जा सकता है लेकिन उससे पहले इसके लिए सभी की सहमति जरूरी है।

डीएम : जिले में कुछ स्थानों पर नए पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं। कैंची में बेसमेंट में पार्किंग शुरू हो गई है। प्रथम तल पर काम चल रहा है। नैनीताल के मैट्रोपोल में पांच-छह सौ वाहनों की पार्किंग बन रही है। रामनगर में साढ़े तीन सौ वाहनों की पार्किंग बनाई जा रही है। इसके लिए अभी हाल ही में बजट मिला है। भीमताल में भी पार्किंग के लिए जगह खोजी जा रही है। कैंची जाने वाले वाहनों के पंजीकरण को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

एसएसपी : पूर्व में 20-22 हजार श्रद्धालु हर दिन कैंची पहुंच रहे थे लेकिन हनुमान अंश फिल्म के बाद यह संख्या 27 हजार तक पहुंच गई। वीकेंड पर यह आंकड़ा 40 हजार पार कर गया है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए भीमताल, भवाली से शटल सेवा चलाई जा रही है। शहर में विकास कार्याें के चलते सड़कें खुदी होने से भी रुक-रुककर जाम लग रहा है, जो भीड़ बढ़ने पर परेशानी खड़ी कर रहा है। इससे पहले वीकेंड में व्यवस्था बेहतर रही थी। आगामी त्योहारों पर जाम न लगे इसके लिए प्रशासन के साथ बातचीत कर उचित कदम उठाया जाएगा।

सवाल : इस जाम से स्थायी निजात के लिए आपकी ठोस योजना और समय सीमा क्या है?

आयुक्त : स्थानीय लोगों और यहां आने वाले सैलानियों को कैंची रूट पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए शासन के निर्देश पर कई कार्य अभी चल रहे हैं और कुछ कार्य प्रस्तावित हैं। रानीबाग-हनुमानगढ़ी रोपवे का सर्वे पूरा हो चुका है। । रानीबाग-नैनीताल रोड को चौड़ा करने का प्रस्ताव भी पाइप लाइन में है लेकिन इसका लाभ तब तक नहीं मिलेगा जब तक कि नैनीताल में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम न हो जाएं। नैनीताल के मेट्रोपोल में पार्किंग के विस्तारीकरण का काम चल रहा है यह पार्किंग डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगी। कैंची धाम में पार्किंग स्थल बना दिया गया है। कैंची धाम की एक बाईपास रोड अभी कच्ची है उसे छह माह के भीतर पक्का करा दिया जाएगा।

डीएम :-जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ही अलग-अलग स्थानों पर बाईपास निर्माण के काम शुरू कराए गए हैं। सैनिटोरियम से भवाली और कैंची को अलग अलग बाईपास बन गए हैं। कुछ के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पार्किंग क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है। अलग-अलग हिल स्टेशन की वाहन वहन क्षमता के आधार पर वहां आधारभूत सुविधाओं में भी वृद्धि की जा रही है।

एसएसपी : सड़कें दुरुस्त रहेंगी तो जाम की समस्या का हल आसानी से निकल जाएगा। काठगोदाम में कलसिया पुल का निर्माण जल्द कराने, भूस्खलन से प्रभावित सड़कों का पहले जैसे पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं से पत्राचार किया जा रहा है।

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