फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   DM raid

फिर दिखाया डीएम ने दम : बेस अस्पताल में मारा छापा

Fri, 05 Jun 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 05 Jun 2015 02:07 AM IST
विज्ञापन
DM raid

बेस अस्पताल में चल रहे कमीशनखोरी का खेल बृहस्पतिवार को डीएम के छापे में उजागर हुआ। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना से लेकर बीपीएल के मरीजों तक से पर्चियां लिखकर बाजार से दवाएं मंगाई जा रही थीं। ऑपरेेशन के दौरान लगने वाले इम्प्लांट (उपकरण) आर्थोपेडिक सर्जन मरीजों से पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर निर्धारित दुकानों से मंगवा रहे थे। जिलाधिकारी ने सीएमस को एक डाक्टर समेत चार अन्य कर्मचारियों को निलंबित करने की संस्तुति करने के निर्देश दिए। बेस अस्पताल में चल रही कारगुजारी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेजी जाएगी।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे जिलाधिकरी दीपक रावत, सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल और एएसडीएम दयानंद सरस्वती के साथ बेस अस्पताल पहुंचे। लगभग पांच घंटे चले छापे में डीएम ने सबसे पहले एक्स-रे रूम चेक किया। डीएम के एक्स-रे रूम में प्रवेश करते ही टेक्नीशियन संजय कुमार श्रीवास्तव कक्ष से फरार हो गए। एक्सरे टेबल पर लेटी खुरमत से एक्सरे के लिए ली गई राशि बिलिंग काउंटर पर जमा नहीं कराई गई थी। डीएम ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन शील निधि त्रिपाठी भी व्यक्तिगत लाभ ले रहे थे।
विज्ञापन


रजिस्टर में रोगी का विवरण दर्ज नहीं था। अस्पताल में मौजूद शकीला ने बताया कि एक्सरे के लिए 113 रुपये लिए गए और रसीद नहीं दी गई। इसके बाद डीएम सीधे सेंट्रल बिलिंग काउंटर पहुंचे। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर ममता जोशी और पूजा साह से पूछताछ की तो पता चला कि संजय श्रीवास्तव ने काउंटर में पैसे डालकर रसीद कटवाई। श्रीवास्तव की जेब से लगभग 350 रुपये मिले, जिसे जब्त कर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरतोला निवासी दीपक ने डीएम को बताया कि आर्थोपेडिक सर्जन डा. प्रदीप पांडे ने दवाइयों और उपकरण के नाम पर सादे कागज पर लिखकर दिए, साथ ही एक मोबाइल नंबर (9412410975) भी दिया और गिरिजा पंत से ही उपकरण खरीदने को कहा। डीएम ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि ड्रग इंस्पेक्टर के साथ गिरिजा पंत के सर्जिकल स्टोर की जांच करने के साथ ही डाक्टर पांडे और पंत की काल डिटेल निकलवाएं, जिससे पता चल सके कि प्रतिदिन दोनों के बीच कितनी बात होती है।

उन्होंने इम्प्लांट खरीदने का प्रस्ताव जिला प्रबंध समिति की बैठक में रखने के निर्देश सीएमएस डा. एससी पंत को दिए। डीएम ने औषधि रजिस्टर का मुआयना किया तो उसमें भी गड़बड़ी मिली। प्रतिदिन बांटी जाने वाली दवाओं के रजिस्टर में तिथि अंकित नहीं की गई थी। डीएम रावत ने डा. पांडे एवं डा. पीएस खोलिया द्वारा लिखी गई पर्चियों और मोबाइल नंबर की स्लिप को जब्त कर लिया। डीएम रावत ने डा. प्रदीप पांडे, टेक्नीशियन संजय कुमार श्रीवास्तव, एसएन त्रिपाठी, औषधि वितरक पवन कुमार पांडे, कृष्ण सिंह गढ़िया के निलंबन की संस्तुति शासन से करने के निर्देश सीएमएस को दिए।

सात माह में आपको क्यों नहीं दिखी खामियां
डीएम ने सीएमएस डा. पंत से कहा कि चार घंटे के छापे में तमाम खामियां पकड़ी गई। सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने के साथ ही गरीब मरीजों से बाहर से दवा मंगाकर कमीशनखोरी का गोरखधंधा चल रहा है। उन्होंने कहा कि सात माह के कार्यकाल में आप खामियों को क्यों नहीं पकड़ पाए और किसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्यों नहीं लिखा। उन्होंने सीएमएस के ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई।

अस्पताल परिसर में बाहर की गाड़ियां खड़ी देख भड़के, पीआरडी जवान निलंबित
अस्पताल परिसर में बाहर की गाड़ियां खड़ी होने, गंदगी मिलने और कूड़ा जलाए जाने पर डीएम भड़क गए। डीएम ने कूड़ा जलाने पर तत्काल रोक लगाने की हिदायत दी और मुख्य नगर अधिकारी को तत्काल कूड़ा जलाने पर रोक लगाने के आदेश दिए। साथ ही अवैध पार्किंग के लिए पीआरडी जवान प्रेम कुमार को दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए।

स्टोर में नहीं मिली कोई कमी
डीएम ने लोकल पर्चेज का रजिस्टर चेक करने के साथ ही स्टोर का निरीक्षण किया। उन्होंने एंटी वैनम और रैबीज के इंजेक्शन के स्टाक की जांच करने के साथ ही दवाओं के स्टाक का मिलान किया। रावत ने स्टोर में सबकुछ ठीक मिलने पर स्टोर इंचार्ज जोशी की पीठ थपथपाई।

इनसे मंगाई गई बाहर से दवाएं
= आर्थो बेड नंबर 6 पर भर्ती सूरज के पास मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड था फिर भी सात हजार रुपये का आपरेशन में खर्च आया। सीएमएस को सात हजार रुपये वापस कराने के डीएम ने दिए निर्देश।

= आर्थो वार्ड में भर्ती राकेश सिद्धार्थ ने बताया कि डा. प्रदीप पांडे ने पर्ची लिखकर बाजार से दवा लाने को कहा।
= अजय आर्या ने बताया कि डा. प्रदीप पांडे ने सात हजार रुपये की दवा बाहर से मंगाई।
= अजय कुमार ने बताया कि एक हजार रुपये की दवा डा. पीएस खोलिया ने बाजार से मंगाई।
= जगचंदू ने बताया कि डा. पीएस खोलिया ने 250 रुपये कीमत की दवा बाहर से मंगाई।
= जगदीश चौहान स्वास्थ्य बीमा कार्ड होने के बावजूद डा. पीएस खोलिया ने 35 सौ रुपये की दवाएं मंगाई।

शिव फार्मेसी में मिली खामियां, सीज
डाक्टरों, कर्मचारियों और मेडिकल स्टोर के बीच चल रहे कमीशन खोरी की शिकायत पर डीएम ने अस्पताल से मिले शिव फार्मेसी के कार्ड और पर्चियों को देखकर छापा मार दिया। छापे में कई खामियां मिलने पर मेडिकल स्टोर को सील करा दिया गया। छापे के दौरान पता चला कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस फरवरी में समाप्त हो गया था। हालांकि दुकान स्वामी ने तर्क दिया कि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सरकारी फीस जमा की जा चुकी है। लाइसेंस फार्मेसिस्ट जगदीश लोहनी के नाम था, मगर मेडिकल स्टोर कोई और चला रहा था। मेडिकल स्टोर से बेची जा रही दवाओं का बिल भी किसी उपभोक्ता को नहीं दिया जा रहा था। दवाओं की बिक्री का रिकार्ड भी दुकान स्वामी नहीं दिखा सका। शेड्यूल एच की प्रतिबंधित दवाएं भी बिना डाक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से बेची जा रही थीं। शेड्यूल एच की दवाओं की बिक्री का कोई भी रिकार्ड दुकान पर बैठे जगदीश पंत नहीं दिखा सके। डीएम ने तमाम खामियां मिलने पर मेडिकल स्टोर को सील करा दिया। उन्होंने मामले की जांच अल्मोड़ा की ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट को सौंपी है और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। जांच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को भी मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल स्टोर का मुआयना न करने पर डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed