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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   DM, Commissioner and LDA Secretary introduced in court

डीएम, कमिश्नर व एलडीए सचिव कोर्ट में हुए पेश

Tue, 14 Jul 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल। Updated Tue, 14 Jul 2015 01:53 AM IST
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हाईकोर्ट ने नैनीताल के भूस्लखन के प्रति संवेदनशील जोन-वन तथा जोन टू और सूखाताल के कैचमेंट क्षेत्र में स्थित अवैध भवनों का सर्वे करने को डीएम तथा सचिव प्राधिकरण की समिति गठित करते हुए मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि वे चार दिन के भीतर एक अन्य समिति बनाए जो यह तय करें कि किस अधिकारी ने अवैध निर्माण की स्वीकृति दी तथा उनके खिलाफ भी अनुशासनात्क कार्यवाही की जाए।

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न्यायमूर्ति आलोक सिंह एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। प्रो. अजय रावत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कुमाऊं आयुक्त अवनेंद्र सिंह नयाल, डीएम दीपक रावत तथा सचिव प्राधिकरण श्रीष कुुमार उपस्थित हुए।
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उन्होंने बताया कि नगर में जोन वन व टू सरकार की ओर से भूस्ख्लन के प्रति संवेदनशील घोषित किए गए थे जिनमें निर्माण अनुमन्य नहीं है। उन्होंने मास्टर प्लान की प्रति कोर्ट में पेश की। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर , सीएससी, एडीशनल एडवोकेट जनरल तथा प्राधिकरण के अध्विक्ता ने भी कहा कि जोन वन व टू, सूखाताल की परिधि तथा वन क्षेत्र में अवैध निर्माण किए गए हैं।
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जोन वन व टू के ऊंचाई वाले क्षेत्र में निर्मित अवैध निर्माणों के भारी  वर्षा में गिर जाने से जानमाल का खतरा हो सकता है। कोर्ट ने डीएम तथा सचिव प्राधिकरण की समिति बनाते हुए कहा कि वे अधिकारियों के साथ मास्टर प्लान में वर्णित जोन वन, जोन टू, सूखाताल के कैंचमेंट एरिया व वन भूमि के क्षेत्रों में बने अवैध भवनों का निरीक्षण कर उन्हें खाली कराकर सील कर दें तथा अल्प अवधि के नोटिस के बाद इन भवनों को ध्वस्त करवा दें। कोर्ट ने इस कार्यवाही के दौरान समिति को पूर्ण सुरक्षा देने को एसएसपी को निर्देश दिए।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि वे चार दिन के भीतर प्रमुख सचिव, डीआईजी व डीएम स्तर के कम से कम तीन अधिकारियों की समिति बनाऐं जो प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण की स्वीकृति देने वाले अधिकारियों का पता लगाकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में सरकार को रिपोर्ट दें।

कोर्ट ने बिजली की आपूर्ति बाधित होने से नैनीताल में पेयजल आपूर्ति ठप होने पर नाराजगी जताते हुए जनरेटरों की व्यवस्था करने तथा तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


कोर्ट को डीएम व सचिव प्राधिकरण ने बताया कि सूखाताल व सात नंबर में कुछ अवैध निर्माण चिन्हित किए हैं। जिन्हें ध्वस्त किया जाना है। कोर्ट ने सूखाताल से पानी की निकासी न किए जाने तथा मास्टर प्लान के अनुरूप शीघ्र इसकी बाउंड्री चिन्हित किए जाने के आदेश दिए।

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