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Nainital News: डीएसबी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी और काला झंडा में सीधी टक्कर
Tue, 22 Sep 2026 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:24 AM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में आगामी छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार मुख्य मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और काला झंडा के बीच होने जा रहा है।
परिसर के राजनीतिक समीकरणों को देखें तो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) सांगठनिक रूप से सीधे संघर्ष से दूर नजर आ रही है। पिछली बार भी इसी रणनीति के तहत एनएसयूआई ने काला झंडा बैनर के उम्मीदवार को समर्थन दिया था। इसकी बदौलत करन सती 1466 वोट पाकर जीतने में सफल रहे थे। इससे पूर्व वर्ष 2023 के चुनावों में एबीवीपी के उत्कर्ष बिष्ट ने 1118 वोटों और साल 2019 में विशाल वर्मा ने 1100 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। 2018 में बड़े छात्र संगठनों को पछाड़ते हुए निर्दलीय प्रत्याशी महेश ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया था।
रामनगर में एबीवीपी में बगावत, 20 पदाधिकारियों का इस्तीफे का एलान
रामनगर। पीएनजी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित न किए जाने से से नाराज नीरज कंडारी ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। एबीवीपी ने कॉलेज से एमए तृतीय वर्ष की विशाखा चौहान को अध्यक्ष पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे नीरज कंडारी के समर्थन में रविवार देर रात लखनपुर चुंगी स्थित शहीद पार्क में बैठक हुई। यहां एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नवीन शर्मा, हीरा भंडारी, योगिता नेगी, पीयूष जोशी समेत 20 पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने का एलान किया। बता दें कि विगत वर्ष अभाविप के बागी किशन कुमार ने एनएसयूआई और एबीवीपी के प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी।
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तीनों प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की गतिविधियां तेज हो गई हैं। एबीवीपी के धीरज बिष्ट और एनएसयूआई के मेहुल साह कैडर वोट के सहारे तो निर्दलीय आर्यन बेलवाल अभाविप से टिकट कटने के बाद छात्र-छात्राओं की सहानुभूति के सहारे चुनाव मैदान में हैं। सोमवार को कॉलेज परिसर में तीनों प्रमुख प्रत्याशियों के समर्थकों की सक्रियता देखी गई। निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल की ओर से शक्ति प्रदर्शन किया गया। इससे पहले एबीवीपी और एनएसयूआई प्रत्याशियों ने भी जनसंपर्क और छोटी सभाएं की गई हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि एबीवीपी से बगावत के बाद वोटों का बंटवारा हो सकता है, वहीं कुछ का मानना है कि संगठनात्मक आधार पर दोनों प्रमुख छात्र संगठनों की पकड़ मजबूत है।
आज जारी हो सकती है छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना
हल्द्वानी। प्रदेश के महाविद्यालयों में 29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव प्रस्तावित है लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। कॉलेज सूत्रों के मुताबिक नामांकन, जांच, नाम वापसी, सामान्य सभा और बूथ निर्माण जैसी प्रक्रियाओं के लिए चार से पांच दिन का समय चाहिए। ऐसे में विश्वविद्यालय से आज शाम तक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी ने बताया कि चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय से निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है। अधिसूचना जारी होते ही कॉलेज स्तर पर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
कोर्ट जाने की तैयारी में हैं चुनाव लड़ने से वंचित रहे दावेदार
हल्द्वानी। छात्रसंघ चुनाव की तारीख तय होते ही आरक्षण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्रसंघ चुनाव में आरक्षण रोटेशन का आधार क्या रहेगा, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। वर्तमान व्यवस्था स्थायी रहेगी या हर साल रोटेशन से पद आरक्षित होंगे, इस पर विश्वविद्यालय ने स्थिति साफ नहीं की है। कुछ छात्रों का कहना है कि चुनाव घोषित होने के बाद आरक्षण घोषित करना नियम विरुद्ध है। इसके खिलाफ वे कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इधर एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से बताया गया है कि भविष्य में आरक्षण किस आधार पर होगा, यह दिसंबर में तय किया जाएगा। फिलहाल इसी व्यवस्था के तहत चुनाव कराए जा रहे हैं।
आर्यन और धीरज चुनाव तक नग्न पांव करेंगे प्रचार
रैली के दौरान एबीवीपी के बागी छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी आर्यन बेलवाल और उनके समर्थन में एबीवीपी जिला संयोजक पद से इस्ताफा देने वाले धीरज गढ़कोटी ने संकल्प लिया कि वह छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने तक पैरों में जूता, चप्पल नहीं पहनेंगे और नग्न पांव चुनाव प्रचार करेंगे।
रैली के दौरान एबीवीपी के बागी छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी आर्यन बेलवाल और उनके समर्थन में एबीवीपी जिला संयोजक पद से इस्ताफा देने वाले धीरज गढ़कोटी ने संकल्प लिया कि वह छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने तक पैरों में जूता, चप्पल नहीं पहनेंगे और नग्न पांव चुनाव प्रचार करेंगे।
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परिसर के राजनीतिक समीकरणों को देखें तो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) सांगठनिक रूप से सीधे संघर्ष से दूर नजर आ रही है। पिछली बार भी इसी रणनीति के तहत एनएसयूआई ने काला झंडा बैनर के उम्मीदवार को समर्थन दिया था। इसकी बदौलत करन सती 1466 वोट पाकर जीतने में सफल रहे थे। इससे पूर्व वर्ष 2023 के चुनावों में एबीवीपी के उत्कर्ष बिष्ट ने 1118 वोटों और साल 2019 में विशाल वर्मा ने 1100 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। 2018 में बड़े छात्र संगठनों को पछाड़ते हुए निर्दलीय प्रत्याशी महेश ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया था।
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रामनगर में एबीवीपी में बगावत, 20 पदाधिकारियों का इस्तीफे का एलान
रामनगर। पीएनजी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित न किए जाने से से नाराज नीरज कंडारी ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। एबीवीपी ने कॉलेज से एमए तृतीय वर्ष की विशाखा चौहान को अध्यक्ष पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे नीरज कंडारी के समर्थन में रविवार देर रात लखनपुर चुंगी स्थित शहीद पार्क में बैठक हुई। यहां एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नवीन शर्मा, हीरा भंडारी, योगिता नेगी, पीयूष जोशी समेत 20 पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने का एलान किया। बता दें कि विगत वर्ष अभाविप के बागी किशन कुमार ने एनएसयूआई और एबीवीपी के प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी।
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तीनों प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की गतिविधियां तेज हो गई हैं। एबीवीपी के धीरज बिष्ट और एनएसयूआई के मेहुल साह कैडर वोट के सहारे तो निर्दलीय आर्यन बेलवाल अभाविप से टिकट कटने के बाद छात्र-छात्राओं की सहानुभूति के सहारे चुनाव मैदान में हैं। सोमवार को कॉलेज परिसर में तीनों प्रमुख प्रत्याशियों के समर्थकों की सक्रियता देखी गई। निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल की ओर से शक्ति प्रदर्शन किया गया। इससे पहले एबीवीपी और एनएसयूआई प्रत्याशियों ने भी जनसंपर्क और छोटी सभाएं की गई हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि एबीवीपी से बगावत के बाद वोटों का बंटवारा हो सकता है, वहीं कुछ का मानना है कि संगठनात्मक आधार पर दोनों प्रमुख छात्र संगठनों की पकड़ मजबूत है।
आज जारी हो सकती है छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना
हल्द्वानी। प्रदेश के महाविद्यालयों में 29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव प्रस्तावित है लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। कॉलेज सूत्रों के मुताबिक नामांकन, जांच, नाम वापसी, सामान्य सभा और बूथ निर्माण जैसी प्रक्रियाओं के लिए चार से पांच दिन का समय चाहिए। ऐसे में विश्वविद्यालय से आज शाम तक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एनएस बनकोटी ने बताया कि चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय से निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है। अधिसूचना जारी होते ही कॉलेज स्तर पर चुनावी तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
कोर्ट जाने की तैयारी में हैं चुनाव लड़ने से वंचित रहे दावेदार
हल्द्वानी। छात्रसंघ चुनाव की तारीख तय होते ही आरक्षण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्रसंघ चुनाव में आरक्षण रोटेशन का आधार क्या रहेगा, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। वर्तमान व्यवस्था स्थायी रहेगी या हर साल रोटेशन से पद आरक्षित होंगे, इस पर विश्वविद्यालय ने स्थिति साफ नहीं की है। कुछ छात्रों का कहना है कि चुनाव घोषित होने के बाद आरक्षण घोषित करना नियम विरुद्ध है। इसके खिलाफ वे कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इधर एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से बताया गया है कि भविष्य में आरक्षण किस आधार पर होगा, यह दिसंबर में तय किया जाएगा। फिलहाल इसी व्यवस्था के तहत चुनाव कराए जा रहे हैं।
आर्यन और धीरज चुनाव तक नग्न पांव करेंगे प्रचार
रैली के दौरान एबीवीपी के बागी छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी आर्यन बेलवाल और उनके समर्थन में एबीवीपी जिला संयोजक पद से इस्ताफा देने वाले धीरज गढ़कोटी ने संकल्प लिया कि वह छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने तक पैरों में जूता, चप्पल नहीं पहनेंगे और नग्न पांव चुनाव प्रचार करेंगे।
रैली के दौरान एबीवीपी के बागी छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी आर्यन बेलवाल और उनके समर्थन में एबीवीपी जिला संयोजक पद से इस्ताफा देने वाले धीरज गढ़कोटी ने संकल्प लिया कि वह छात्रसंघ चुनाव संपन्न होने तक पैरों में जूता, चप्पल नहीं पहनेंगे और नग्न पांव चुनाव प्रचार करेंगे।