हल्द्वानी में डेंगू से बढ़ी चिंता: नगर निगम की फॉगिंग बेअसर, अक्तूबर के 18 दिनों में मिले आठ मरीज
हल्द्वानी में डेंगू मरीज बढ़ रहे हैं, फॉगिंग बेअसर है और छापेमारी अभियान न चलने से लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। जल्द बेहतर प्रबंध जरूरी है।
विस्तार
हल्द्वानी शहर में डेंगू मरीज बढ़ रहे हैं। नगर निगम की ओर से कराई गई फॉगिंग का भी असर नहीं हो रहा है। शहर में छापेमारी अभियान न चलाए जाने से कई जगह लार्वा के पनपने की संभावना बनी हुई है। जल्द बेहतर प्रबंध न किए गए तो स्थिति बिगड़ सकती है।
नगर निगम की ओर से मानसून सीजन में दो बार वार्डाें में फॉगिंग करा दी गई है, तीसरे चरण की फॉगिंग कराई जा रही थी कि डेंगू रोगियों की बढ़ती संख्या के बाद ऐसे इलाकों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम की ओर से पिछले महीनों में चलाए गए अभियान में गंदगी तो मिली लेकिन लार्वा केवल काठगोदाम में रोडवेज वर्कशॉप परिसर में मिला। यहां लंबे समय से रखे टायरों में पानी के साथ लार्वा पनप रहा था। निगम प्रशासन ने डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में एक बार और फॉगिंग कराने का निर्णय लिया है।
डेंगू के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र- बनभूलपुरा, टनकपुर रोड, राजपुरा, काठगोदाम नई बस्ती, दमुवाढूंगा, इंदिरानगर, गौजाजाली।
स्वास्थ्य अनुभाग की खुल रही पोल
नगर निगम के 60 वार्डाें में रोजाना सुबह और शाम को सफाई के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। निगम में 1100 से अधिक पर्यावरण मित्र हैं। पिछले दिनों डेंगू का लार्वा मिलने के बाद नगर निगम की टीम राजपुरा धोबीघाट की चेकिंग में गई तो वहां गंदगी मिली। ऐसे कई स्थान हैं जहां गंदगी फैली हुई है। भारी भरकम पर्यावरण मित्रों की तैनाती के बावजूद सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होना निगम के स्वास्थ्य अनुभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलता है।
यहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया
नगर निगम के वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सीएस टोलिया ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है। शिकायत मिलने पर दमुवाढूंगा, जवाहरनगर, बनभूलपुरा क्षेत्र में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है। धोबीघाट, डीके पार्क आदि क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाकर लार्वा की जांच की गई है। लोगों को भी घरों के आसपास और छतों पर पानी जमा न होने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अक्तूबर में डेंगू ने पकड़ी रफ्तार, एक महीने में मिले आठ मरीज
हल्द्वानी में डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। अगस्त में डेंगू का एक मामला सामने आया था, जबकि सितंबर में चार और अक्तूबर में अब तक आठ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। एलाइजा जांच में अब तक 13 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा चार मरीज दमुवाढूंगा क्षेत्र के हैं। इसके अलावा कुसुमखेड़ा, रामपुर रोड, हाइडिल गेट, जगदंबा नगर, आदर्श नगर, गौलापार, मुखानी, लामाचौड़ और आजाद नगर में भी एक-एक मरीज मिला है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया स्वास्थ्य विभाग लगातार अभियान चला रहा है। 20 स्वयंसेवकों, 589 आशा कार्यकर्ताओं और एक क्विक रिस्पांस टीम को लगाया गया है। टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच की और लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया।
1.29 लाख घरों में जांच, 1224 घरों में किया स्प्रे
डॉ. कांडपाल ने बताया कि करीब 1,29,977 घरों का निरीक्षण किया गया। इनमें 1,605 घरों में मच्छरों का लार्वा मिला। मच्छरों की रोकथाम के लिए 1,224 घरों में स्पेस स्प्रे भी किया गया। डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका को देखते हुए एसटीएच, धोबीघाट, डीडी पार्क, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन और काठगोदाम बस डिपो समेत जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा विभाग की टीमें अन्य जगहों पर भी अभियान चला रही हैं।
डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- घर में पानी जमा न होने दें। खासकर कूलर, गमले, टायर, नारियल के खोल, छत और आसपास के बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करें।
- टंकी और पानी रखने वाले बर्तनों को हमेशा ढककर रखें।
- नालियों और आसपास की सफाई रखें।
- पूरी बांह के कपड़े और पैरों को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम या लोशन का निर्देशानुसार इस्तेमाल करें।
- घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मच्छररोधी जाली लगाएं।
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, विशेषकर बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए।
डेंगू के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, मतली, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते