नैनीताल/रामनगर/कालाढूंगी। राज्य सरकार की ओर से भोजन माताओं के संबंध में नया शासनादेश जारी करने पर भोजन माता संगठन ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया।
नैनीताल इकाई की अध्यक्ष तुलसी आर्य ने कहा कि सरकार की ओर से छात्रसंख्या के आधार पर भोजन माताओं को रखने का शासनादेश जारी किया गया है। जीओ में छात्रसंख्या 50 और उससे अधिक होने पर दो भोजन माताओं को नियुक्त करने का प्रावधान है। इससे कम बच्चों वाले स्कूलों में भोजन माताओं को निकालने का फरमान है। कहा कि ऐसे में कई भोजनमाताएं बेरोजगार हो जाएंगी। उधर, रामनगर में प्रगतिशील भोजन माता संगठन से जुड़ी कार्यकर्ताओं ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। कहा कि भोजनमाताएं स्कूलों में खाना बनाने के अलावा फुलवारी की देख-रेख और सफाई का कार्य भी संभालती हैं। न्यूनतम वेतन लागू करने के साथ भोजनमाताओं को स्थायी करने की मांग उठाई गई। मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी। यहां प्रगतिशील भोजन माता संगठन की अध्यक्ष मीना नैनवाल, मंजू मेहरा, शीला शर्मा, तुलसी देवी, आशा, मंजू देवी, मीना रावत, मंजू पाठक, नंदी, कुसुम, रवि आदि रहे।
उधर, कोटाबाग की भोजन माताओं ने ब्लॉक प्रमुख रवि कन्याल के माध्यम से सचिव को ज्ञापन भेजकर शासनादेश वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान प्रेमा देवी, हेमा गोस्वामी, हंसी देवी, गीता देवी, राधा देवी, अनिता देवी, अंबी देवी, कविता देवी, मुन्नी देवी, नीता आदि थीं।