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Nainital News: अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग हाईकोर्ट से खारिज

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 10:39 PM IST
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Demand for CBI inquiry in Ankita murder case rejected by High Court
नैनीताल। हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की याचिका खारिज कर दी है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने दायर याचिका पर फैसला सुनाया कि एसआईटी सही जांच कर रही है। उसकी जांच में संदेह नहीं किया जा सकता है। इसलिए सीबीआई से जांच की जरूरत नहीं है। एसआईटी किसी भी वीआईपी को नहीं बचा रही है।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने पूर्व में याचिकाकर्ता से पूछा था कि आपको एसआईटी की जांच पर संदेह क्यों हो रहा है। जांच अधिकारी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि कमरे का ध्वस्तीकरण करने से पहले सारी फोटोग्राफी की जा चुकी है। मृतका के कमरे से एक बैग के अलावा कुछ नहीं मिला था।
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अंकिता के परिजनों ने की थी प्रार्थना
अंकिता की मां सोनी देवी व पिता विरेंद्र सिंह भंडारी ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने व दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए याचिका के साथ अपना प्रार्थना पत्र भी दिया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि एसआईटी जांच में लापरवाही कर रही है। इसलिए जांच सीबीआई से कराई जाए। सरकार इस मामले में शुरुआत से ही किसी वीआईपी को बचाना चाह रही है। सबूत मिटाने के लिए रिजॉर्ट से लगी फैक्टरी को भी जला दिया गया। जबकि वहां पर कई सबूत मिल सकते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में खून के धब्बे देखे गए थे। सरकार ने किसी को बचाने के लिए जिलाधिकारी का स्थानांतरण तक कर दिया। प्रार्थना पत्र में कहा कि उन पर केस वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। क्राउड फंडिंग का भी आरोप लगाया जा रहा है।
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ये है याचिका
आशुतोष नेगी ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पुलिस व एसआईटी इस मामले के महत्वपूर्ण सबूतों को छुपा रहे हैं। एसआईटी ने अभी तक अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की। जिस दिन उसका शव बरामद हुआ था उसी दिन शाम को परिजनों की बिना जानकारी के अंकिता का कमरा तोड़ दिया गया। महिला की उपस्थिति के बिना अंकिता के शव का मेडिकल कराया गया जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध है। मेडिकल कराते समय एक महिला का होना आवश्यक था, जो इस केस में पुलिस की ओर से नहीं किया गया। जिस दिन उसकी हत्या हुई थी उसी दिन छह बजे पुलकित उसके कमरे में मौजूद था वह रो रही थी। पुलिस इस केस में लीपापोती कर रही है। इसलिए इस केस की जांच सीबीआई से कराई जाए।
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