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Uttarakhand: दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार को हाईकोर्ट से राहत, पुलिस की कार्रवाई को किया निलंबित

Thu, 16 May 2024 11:58 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 16 May 2024 11:58 AM IST
सार

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार पर गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों में फिलहाल राहत दे दी है। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को निलंबित कर दिया है।
 

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Delhi Chief Secretary Naresh Kumar gets relief from Nainital High Court
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार पर गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों में फिलहाल राहत दे दी है। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई और ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को निलंबित कर दिया है।

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मुख्य सचिव पर डकैती, आपराधिक षड्यंत्र, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत 11 अप्रैल को अल्मोड़ा में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। कोर्ट ने  प्रतिवादियों को 21 मई तक अपनी आपत्तियां दाखिल करने का निर्देश दिए हैं। 
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मामले के अनुसार अल्मोड़ा स्थित प्लेजेंट वैली फाउंडेशन ने कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नरेश कुमार और उनके अधीनस्थ वाईवीवीजे राजशेखर के विरुद्ध केंद्रीय सतर्कता आयोग में दो शिकायतें दर्ज की थीं। एनजीओ ने आरोप लगाया कि 14 फरवरी को नरेश कुमार और राजशेखर ने चार लोगों को अल्मोड़ा भेजा, जिन्होंने जबरन फाइलें, रिकॉर्ड, दस्तावेज और पेन ड्राइव छीन लीं, जिनमें उनके खिलाफ सबूत थे। 

दो मार्च को अल्मोड़ा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों पर एफआईआर का आदेश दिया था। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि 11 अप्रैल को दर्ज मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी जबकि बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया है कि बिना किसी सामग्री के सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत प्लेजेंट वैली फाउंडेशन द्वारा दायर आवेदन को ट्रायल कोर्ट ने अनुमति दे दी थी।  हाईकोर्ट ने कहा कि इन सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श और जांच की आवश्यकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी मामले में अपना उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

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