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अनुमान से कम पहुंची भीड़ तो कम रहा कारोबार
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कन्हलाल, निवासी बरेली
- फोटो : BHIMTAL
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भवाली (नैनीताल)। दो साल बाद बाबा नीब करौरी महाराज के स्थापना दिवस पर बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने का अनुमान लगाकर यूपी से फड़ कारोबारी पहुंचे थे। कम संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से वे मायूस नजर आए। फड़ कारोबारियों ने बताया कि इस साल कैंची धाम में उम्मीद से कम श्रद्धालु आए। इसका उनकी बिक्री पर असर पड़ा। श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल संभालने में जुटे सेवादारों ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक लंबी कतार रही। उसके बाद श्रद्धालुओं की कतार नजर नहीं आई।
कोट
हमने इस बार सोचा था कि दो साल बाद बाबा जी के स्थापना दिवस पर लोग अधिक संख्या में आएंगे तो कारोबार भी अच्छा रहेगा। इस बार लोगों के कम पहुंचने से कारोबार काफी कम रहा।
मीना देवी, फर्रुखाबाद
कोट
इस बार बाबा के स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। लोगों के कम आने से बिक्री भी कम रही। यूपी से कैंची में अच्छे कारोबार होने की आस लेकर आए थे। - कन्हैया लाल, बरेली
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कोट
कारोबार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। इसका एक कारण लोगों का कम संख्या में आना रहा है। पूर्व के वर्षों में अच्छा कारोबार होता था। - शिवम, फर्रुखाबाद
कोट
श्रद्धालुओं की संख्या अन्य वर्षों की अपेक्षा काफी कम थी। इसकी वजह से जूते-चप्पलों के पंडाल में बैग भी खाली दिखे। पिछले सालों में जूते-चप्पलों से बैग भर जाते थे। - राहुल मेहरा, सेवादार
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कोट
हमने इस बार सोचा था कि दो साल बाद बाबा जी के स्थापना दिवस पर लोग अधिक संख्या में आएंगे तो कारोबार भी अच्छा रहेगा। इस बार लोगों के कम पहुंचने से कारोबार काफी कम रहा।
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मीना देवी, फर्रुखाबाद
कोट
इस बार बाबा के स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। लोगों के कम आने से बिक्री भी कम रही। यूपी से कैंची में अच्छे कारोबार होने की आस लेकर आए थे। - कन्हैया लाल, बरेली
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कारोबार उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। इसका एक कारण लोगों का कम संख्या में आना रहा है। पूर्व के वर्षों में अच्छा कारोबार होता था। - शिवम, फर्रुखाबाद
कोट
श्रद्धालुओं की संख्या अन्य वर्षों की अपेक्षा काफी कम थी। इसकी वजह से जूते-चप्पलों के पंडाल में बैग भी खाली दिखे। पिछले सालों में जूते-चप्पलों से बैग भर जाते थे। - राहुल मेहरा, सेवादार