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इन मनचलों ने तो जीना हराम कर दिया सर

Thu, 04 May 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 04 May 2017 01:35 AM IST
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These motions have stopped living
बाइकर्स - फोटो : amar ujala

अमर उजाला ने मंच दिया और पुलिस ने गंभीरता दिखाई तो मनचलों के खिलाफ छात्राओं का हौसला बुलंद हो गया। मनचलों की फब्तियां सुनने या छेड़छाड़ सहने के बजाय अब वे मुखर होने लगी हैं। शिकायतें दर्ज करने लगी हैं।

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एसएसपी के आदेश पर स्कूलों में लगीं पेटिकाओं में अब छात्राओं की ओर से शिकायती पत्र डाले जाने लगे हैं। पुलिस के अनुसार चार स्कूलों की पेटिकाएं खोली गईं तो 20 शिकायतें मिलीं। सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। कुछ छात्राएं तो सीधे एसएसपी के मोबाइल पर मैसेज कर अपनी शिकायतें भेज रही हैं।
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21 अप्रैल को श्री गुरु तेगबहादुर स्कूल में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने मनचलों को सबक सिखाने के लिए एसएसपी जन्मेजय खंडूरी से सवाल जवाब किए तो उन्होंने स्कूलों में शिकायत पेटिकाएं लगाने की बात कही थी।
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अपना मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया था। इसका असर अब दिखाई देने लगा है। एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि खालसा बालिका इंटर कॉलेज, सेंट थेरेसा, इंस्प्रेशन और निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में लगी शिकायत पेटिकाओं को खुलवाया गया तो 20 शिकायतें मिलीं।


पुलिस के अनुसार खालसा कॉलेज की छात्राओं के निकलने पर एमबी डिग्री कॉलेज के छात्र भी पार्क की तरफ आते हैं। वे छींटाकशी करते हैं। छात्राओं की शिकायतों पर स्कूल प्रशासन ध्यान नहीं देता। एक स्कूल की छात्राओं का कहना है कि क्लास में छात्र ही छींटाकशी करते हैं लेकिन अध्यापक शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते हैं।

मनचलों पर लगाम लगाने के लिए सचल महिला दस्ता बनाया गया है। ट्रैफिक को लेकर भी छात्राओं ने सुझाव दिए हैं उन पर भी मंथन चल रहा है।
-यशवंत सिंह चौहान, एसपी सिटी

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