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एसटीएच की चौथी मंजिल से कूदकर कैदी ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में भर्ती बलात्कार का आरोपी रविवार देर रात अचानक चौथी मंजिल से कूद गया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कैदी की करीबी महिला भी दोमंजिले से कूदी और उसका कूल्हा टूट गया। घटनास्थल का एसएसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया।
पुलिस का कहना है कि कैदी डिप्रेशन में था। कैदी को सिपाहियों ने पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक सिपाही फिसलकर गिर भी पड़ा। फिर भी इस मामले में पुलिस अधिकारी जांच कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देंगे।
ऊधमसिंह नगर जिले के बसई इस्लामनगर हरियावाला निवासी अकील उर्फ अमित को रामनगर पुलिस ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में 10 अक्तूबर 2016 को गिरफ्तार किया था। उसे उप कारागार हल्द्वानी में रखा गया था।
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यहां बेहोशी का दौरा पड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे 28 फरवरी को बेस अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया। आरोपी की सुरक्षा में सिपाही सतवंत सिंह और सुरेंद्र सिंह को तैनात किया गया।
अकील को चौथी मंजिल पर ब्लाक डी बेड संख्या 12 पर रखा गया। मरीज का इलाज डॉ. अशोक सिंह कर रहे थे। रविवार रात करीब एक बजे अचानक आरोपी अकील अपने बेड से उठकर भागा। सिपाहियों ने कैदी का पीछा किया लेकिन वह रोशनदान की टूटी जाली से कूद गया।
नीचे गिरने पर उसकी मौत हो गई। सिपाही सुरेंद्र सिंह का कहना था कि वह फिसलने के कारण गिर गया और कैदी को पकड़ नहीं सका। कैदी की करीबी महिला आशु पत्नी सालिम भी दूसरी मंजिल से नीचे कूद पड़ी। महिला का कूल्हा टूट गया।
सिपाहियों ने महिला को अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान और सीओ लोकजीत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया।
महिला ने सीओ को बताया कि अकील के मरने के बाद उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। इसी कारण उसने कूदकर भागने की कोशिश की थी। एसएसपी ने इस मामले में अस्पताल के एमएस एके पांडे और डॉक्टर से पूछताछ की। डाक्टरों के पैनल ने कैदी का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
दो महिलाओं से अकील बातचीत कर रहा था
लाइन नंबर एक निवासी अथर खान अपनी भतीजी का इलाज कराने के लिए अकील के वार्ड में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी अथर का कहना था कि अकील की तीमारदारी के लिए आशु और यास्मीन आईं थीं। रात में वह बार-बार अकील से बातचीत कर रही थी।
इस बीच पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को टोका और खाना देने के बाद अस्पताल की गैलरी में आराम करने की सलाह दी। इसके बाद अकील ने आत्महत्या का कदम उठाया। घटना के समय दोनों सिपाहियों से उसकी बातचीत हो रही थी।
बहन यास्मीन की पुलिस कर रही तलाश
कोतवाल आरएस मेहता ने बताया कि घटना के समय तीमारदारी के लिए अकील की बहन यास्मीन भी आई थी। वह विचाराधीन कैदी अकील की मौत के बाद से गायब है। यास्मीन से पूछताछ करने पर पता चलेगा कि अकील ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया। क्या अकील अस्पताल से भागना चाहता था। अस्पताल में उसने अपने भाई से क्या बातचीत की थी।
के ब्लाक की खिड़की टूटी
अस्पताल के कर्मचारियों का कहना था कि घटना के समय के ब्लाक की खिड़की के शीशे टूट गए थे। आशंका है कि कैदी के ब्लाक में गया था। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर बताया कि कैदी डी ब्लाक से ही कूदा था। क्योंकि शव डी ब्लाक के सामने से बरामद किया गया। के ब्लाक से यदि अकील कूदता तो शव संबंधित ब्लाक के सामने बरामद किया जाता।
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पुलिस का कहना है कि कैदी डिप्रेशन में था। कैदी को सिपाहियों ने पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक सिपाही फिसलकर गिर भी पड़ा। फिर भी इस मामले में पुलिस अधिकारी जांच कर अपनी रिपोर्ट एसएसपी को देंगे।
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ऊधमसिंह नगर जिले के बसई इस्लामनगर हरियावाला निवासी अकील उर्फ अमित को रामनगर पुलिस ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में 10 अक्तूबर 2016 को गिरफ्तार किया था। उसे उप कारागार हल्द्वानी में रखा गया था।
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यहां बेहोशी का दौरा पड़ने पर जेल प्रशासन ने उसे 28 फरवरी को बेस अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया। आरोपी की सुरक्षा में सिपाही सतवंत सिंह और सुरेंद्र सिंह को तैनात किया गया।
अकील को चौथी मंजिल पर ब्लाक डी बेड संख्या 12 पर रखा गया। मरीज का इलाज डॉ. अशोक सिंह कर रहे थे। रविवार रात करीब एक बजे अचानक आरोपी अकील अपने बेड से उठकर भागा। सिपाहियों ने कैदी का पीछा किया लेकिन वह रोशनदान की टूटी जाली से कूद गया।
नीचे गिरने पर उसकी मौत हो गई। सिपाही सुरेंद्र सिंह का कहना था कि वह फिसलने के कारण गिर गया और कैदी को पकड़ नहीं सका। कैदी की करीबी महिला आशु पत्नी सालिम भी दूसरी मंजिल से नीचे कूद पड़ी। महिला का कूल्हा टूट गया।
सिपाहियों ने महिला को अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी जन्मेजय खंडूरी, एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान और सीओ लोकजीत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया।
महिला ने सीओ को बताया कि अकील के मरने के बाद उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। इसी कारण उसने कूदकर भागने की कोशिश की थी। एसएसपी ने इस मामले में अस्पताल के एमएस एके पांडे और डॉक्टर से पूछताछ की। डाक्टरों के पैनल ने कैदी का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
दो महिलाओं से अकील बातचीत कर रहा था
लाइन नंबर एक निवासी अथर खान अपनी भतीजी का इलाज कराने के लिए अकील के वार्ड में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी अथर का कहना था कि अकील की तीमारदारी के लिए आशु और यास्मीन आईं थीं। रात में वह बार-बार अकील से बातचीत कर रही थी।
इस बीच पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को टोका और खाना देने के बाद अस्पताल की गैलरी में आराम करने की सलाह दी। इसके बाद अकील ने आत्महत्या का कदम उठाया। घटना के समय दोनों सिपाहियों से उसकी बातचीत हो रही थी।
बहन यास्मीन की पुलिस कर रही तलाश
कोतवाल आरएस मेहता ने बताया कि घटना के समय तीमारदारी के लिए अकील की बहन यास्मीन भी आई थी। वह विचाराधीन कैदी अकील की मौत के बाद से गायब है। यास्मीन से पूछताछ करने पर पता चलेगा कि अकील ने आत्महत्या का कदम क्यों उठाया। क्या अकील अस्पताल से भागना चाहता था। अस्पताल में उसने अपने भाई से क्या बातचीत की थी।
के ब्लाक की खिड़की टूटी
अस्पताल के कर्मचारियों का कहना था कि घटना के समय के ब्लाक की खिड़की के शीशे टूट गए थे। आशंका है कि कैदी के ब्लाक में गया था। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर बताया कि कैदी डी ब्लाक से ही कूदा था। क्योंकि शव डी ब्लाक के सामने से बरामद किया गया। के ब्लाक से यदि अकील कूदता तो शव संबंधित ब्लाक के सामने बरामद किया जाता।