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प्रबंध समिति सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षरों से कराया बिड़ला संस्थान के पंजीकरण का नवीनीकरण

Wed, 04 Oct 2017 02:00 AM IST
Updated Wed, 04 Oct 2017 02:00 AM IST
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प्रबंध समिति सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षरों से कराया बिड़ला संस्थान के पंजीकरण का नवीनीकरण
भीमताल (नैनीताल)। बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ अप्लाइड साइंसेज का नवीनीकरण प्रमाणपत्र प्रबंध समिति के सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षरों से कराने की बात सामने आई है। इस मामले में संस्थान के मौजूदा निदेशक और एक पूर्व निदेशक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मंगलवार को मुख्य दंडाधिकारी न्यायालय में जब मामले की सुनवाई हुई तो इसका खुलासा हुआ। अब अगली सुनवाई 11 को होगी।
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बीती 26 अगस्त को ब्लाक रोड मल्लीताल निवासी जीडी पलड़िया ने शासन स्तर पर पत्र भेजकर और थाने में तहरीर देकर कहा था कि बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ अप्लाइड साइंसेज एक सोसायटी है। इसका पंजीकरण सोसायटीज रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1860 के अधीन सोसायटी के रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश द्वारा संख्या 488 वर्ष 1989-90 में किया गया था। वर्तमान में संस्थान में बीटेक और एमसीए कोर्स कराए जा रहे हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि संस्थान के कुछ अधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी और फर्जी हस्ताक्षरों से नवीनीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया है।
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पलड़िया का आरोप था कि संस्थान के निदेशक प्रो. बीएस बिष्ट, निदेशक के पीएस डीएस मेहरा, डिप्टी रजिस्ट्रार जीके पंत एवं पूर्व निदेशक एके पंत द्वारा धोखाधड़ी और छल कपट कर सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर संस्थान के पंजीकरण का नवीनीकरण कराया गया है। यह भी आरोप था कि मामले में उक्त लोगों द्वारा निजी स्वार्थों की पूर्ति की गई है और होर्डिंग ट्रस्टी की परिसंपत्तियों को भी खुर्द बुर्द किया गया है।
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शासन स्तर पर सचिव अमित नेगी की ओर से हुई जांच में संस्थान का नवीनीकरण फर्जी हस्ताक्षरों से कराने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सचिव के निर्देश पर कार्यालय उप निबंधक फर्म एंड सोसायटी एवं चिट्स हल्द्वानी ने बिड़ला संस्थान को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

शिकायतकर्ता जीडी पलड़िया के अधिवक्ता पंकज कुलौरा ने बताया कि इस मामले में पलड़िया की शिकायत के आधार पर सितंबर में बिड़ला संस्थान के निदेशक प्रो. वीके बिष्ट, पीएस डीएस मेहरा, डिप्टी रजिस्ट्रार डीके पंत और पूर्व निदेशक एके पंत के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को मामले की सुनवाई नैनीताल में मुख्य दंडाधिकारी की अदालत में हुई। अगली सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तिथि तय की गई है।
संस्थान के मौजूदा एवं एक पूर्व निदेशक समेत चार के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
मंगलवार को हुई मुख्य दंडाधिकारी न्यायालय में सुनवाई, अगली सुनवाई 11 को
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