फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   बच्ची की मौत पर एसटीएच में हंगामा

बच्ची की मौत पर एसटीएच में हंगामा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 06:58 PM IST
विज्ञापन
बच्ची की मौत पर एसटीएच में हंगामा
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एक बच्ची की मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और मरीज की फाइल छीनकर गायब करने का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने मामले की जांच कराने के लिए एसटीएच के एमएस को लिखित शिकायत दी है।
विज्ञापन

कॉलटैक्स काठगोदाम निवासी रफीक ने बताया कि पत्नी गजाला गर्भवती थी। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे उसे एसटीएच में भर्ती कराया गया। रविवार को ही लगभग 11 बजे सामान्य प्रसव के बाद पत्नी ने पुत्री को जन्म दिया। मंगलवार को बच्ची ने अचानक दूध पीना बंद कर दिया। बच्ची को लेकर बाल रोग विभाग में गया तो सिस्टर ने बच्चे को देखा और कहा कि बच्ची ठीक है। कुछ देर बाद बच्ची ने दूध पिया। बुधवार सुबह चार बजे बच्ची की तबियत फिर बिगड़ी तो बाल रोग वार्ड में गया पर किसी ने बच्ची को नहीं देखा। रफीक ने बताया कि डॉक्टर सो रहे थे और कहने लगे कि तुम लोगों के पास कोई काम नहीं है, सुबह चार बजे चले आए। इसके बाद दवा की दुकान से बच्ची के लिए दूध लेकर आया। बच्ची आठ बजे दूध पी रही थी कि तभी अस्पताल में सफाई के दौरान वार्ड से बाहर जाने को कहा गया। लौटकर आया तो बच्ची की हालत खराब थी और बाल रोग वार्ड में लेकर गया तो कुछ देर एनआईसीयू में रखने के बाद जवाब दिया कि बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची के मौत के बाद लगभग सवा नौ बजे अस्पताल में हंगामा होने लगा। परिजनों को आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज की फाइल छीनकर गायब कर दी, जबकि परिजनों की सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्कामुक्की हुई और जमकर कहासुनी भी हुई। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी के साथ ही जमकर कहासुनी हुई। मेडिकल चौकी के उपनिरीक्षक महेश चंद्र ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। रफीक के दो बेटे और एक बेटी है।
विज्ञापन



बच्ची की मौत पर एसटीएच में हंगामा
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, डॉक्टर ने कहा कि तुम लोग सोने भी नहीं देते हो
सुरक्षा गार्डों के साथ हुई धक्का-मुक्की, फाइल छीनने का भी आरोप लगाया


परिजनों ने लिखित शिकायत दी है। मामले की जांच कराई जाएगी। मरीज जब भर्ती हुई थी तो उसका ब्लड प्रेशर बहुत अधिक बढ़ा था। बच्ची का वजन बहुत कम था। दूध पिलाने के दौरान बच्ची की सांस नली में दूध फंसने या फेफड़े में चले जाने के कारण मौत हुई है। एनआईसीयू में रखकर बच्ची को बचाने का प्रयास किया गया था। परिजनों ने पोस्टमार्र्टम कराने के लिए भी मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

-डॉ. अरुण जोशी, एमएस, सुशीला तिवारी अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed