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सांस के रोगी की अस्पताल में मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:14 AM IST
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हल्द्वानी के अस्पताल में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। सोहन सिंह जीना बेस अस्पताल में रविवार रात इलाज के दौरान सांस के मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। भीड़ में शामिल कुछ लोग डॉक्टर को मारने के लिए दौड़ रहे थे लेकिन पुलिस ने धक्का देकर रोक दिया। बाद में गुस्साए लोगों को खदेड़कर मामला शांत किया। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
राजपुरा पड़ाव निवासी राजमिस्त्री रामवीर सिंह (50) पुत्र मुन्ना सिंह की रविवार रात तेजी के साथ सांस चलने लगी। उनकी पत्नी कंचन अपने पड़ोसी पूर्व पार्षद के बेटे गुरु कश्यप और पड़ोसी गीता को लेकर साढ़े आठ बजे बेस अस्पताल पहुंचीं। यहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन दिया लेकिन हालत में सुधार नही हो सका। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों को देखने के लिए बुलाया लेकिन भर्ती नहीं किया गया। रात 10 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही राजपुरा के काफी लोग अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मरीज की मौत हो गई। सूचना देने के बाद एक घंटे तक डॉक्टर बेखबर रहे। कोतवाली एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी, बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत सहित कई चौकी प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस से लोगों की नोकझोंक भी हुई। पूर्व पार्षद मुन्नी कश्यप के समक्ष कंचन ने भोटियापड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी को तहरीर दी। इसमें डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
डॉक्टरों ने बेहतर इलाज किया
अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि रामवीर दमा का मरीज था। डॉक्टरों ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती है। उसे बचाने का प्रयास किया। डॉक्टरों के खिलाफ आरोप बेबुनियाद है।
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राजपुरा पड़ाव निवासी राजमिस्त्री रामवीर सिंह (50) पुत्र मुन्ना सिंह की रविवार रात तेजी के साथ सांस चलने लगी। उनकी पत्नी कंचन अपने पड़ोसी पूर्व पार्षद के बेटे गुरु कश्यप और पड़ोसी गीता को लेकर साढ़े आठ बजे बेस अस्पताल पहुंचीं। यहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन दिया लेकिन हालत में सुधार नही हो सका। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों को देखने के लिए बुलाया लेकिन भर्ती नहीं किया गया। रात 10 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही राजपुरा के काफी लोग अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मरीज की मौत हो गई। सूचना देने के बाद एक घंटे तक डॉक्टर बेखबर रहे। कोतवाली एसएसआई मनोहर सिंह दसौनी, बनभूलपुरा थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत सहित कई चौकी प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस से लोगों की नोकझोंक भी हुई। पूर्व पार्षद मुन्नी कश्यप के समक्ष कंचन ने भोटियापड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी को तहरीर दी। इसमें डॉक्टरों की लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
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डॉक्टरों ने बेहतर इलाज किया
अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि रामवीर दमा का मरीज था। डॉक्टरों ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती है। उसे बचाने का प्रयास किया। डॉक्टरों के खिलाफ आरोप बेबुनियाद है।
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