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भाजयुमो नेताओं से हत्या के प्रयास का आरोप निरस्त

Sat, 24 Feb 2018 02:35 AM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:35 AM IST
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भाजयुमो नेताओं से  हत्या के प्रयास का आरोप निरस्त
court
हल्द्वानी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नितिन शर्मा की अदालत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की गाड़ी पर पथराव मामले में सुनवाई के बाद भाजयुमो नेता विकास भगत, नीरज बिष्ट सहित चार लोगों के खिलाफ चल रहे हत्या के प्रयास के आरोप को निरस्त कर दिया। इस मामले में अभियोजन की तरफ से निगरानी याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन बलवा सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा।
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लाडली हत्याकांड के बाद 28 नवंबर 14 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत शीशमहल आए थे। कार से निकलते समय कुछ लोगों ने पथराव कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। घटना के संबंध में काठगोदाम पुलिस ने विधायक वंशीधर भगत के पुत्र भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास भगत, जिला उपाध्यक्ष नीरज बिष्ट, मल्ला गोरखपुर निवासी वरुण तिवारी, विष्णुपुरी गली निवासी संजय परगाई के खिलाफ धारा 147, 148, 427, 353, 504, 307, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी विकास भगत को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया। उस समय अवर न्यायालय ने 307 के तहत रिमांड स्वीकार नहीं किया। इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में पारित आदेश के खिलाफ निगरानी याचिका दाखिल की गई। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद निगरानी याचिका को निरस्त कर दिया। बताया गया कि निगरानी पोषणीय नहीं होने के कारण निरस्त की जाती है। निगरानी कर्ता की तरफ से एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी और दूसरी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता बिंदेश कुमार गुप्ता ने अपने तर्कों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत पर पथराव का मामला
बलवा सहित अन्य धाराओं के तहत चलेगा मुकदमा
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