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किडनी कांड को लेकर पुलिस उलझी
Updated Sun, 15 Oct 2017 02:19 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तराखंड की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर उनके नौकर ने धोखे में रखकर किडनी निकलवाने का आरोप लगाया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल के एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कोतवाल से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि कोतवाल केआर पांडे का कहना है कि श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में किडनी निकाले जाने का आरोप है। हल्द्वानी पुलिस वहां जांच करने कैसे जाएगी। नौकर बरेली का मूल निवासी है। पुलिस इस शिकायत को लेकर उलझ गई है कि आखिर उच्चाधिकारियों को किस प्रकार की रिपोर्ट दी जाए।
बरेली जिले के जशनपुर शेरगढ़ निवासी नरेश चंद्र गंगवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि वह मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल के आरटीओ रोड विजेंद्र विहार स्थित फार्म हाउस पर काम करता था। गिरधारी लाल की पहली पत्नी वैजंती माला को किडनी की जरूरत थी। इसी कारण उन्हें पहले हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल को बताया गया था कि वैजंती माला और किडनी दाता नरेश चंद्र दोनों भाई-बहन है। अस्पताल में भाई बहन सिद्ध नहीं होने पर किडनी ट्रांसप्लांट का मामला फंस गया। इसके बाद गिरधारी लाल के इशारे पर वैजंती माला और परिवार के करीबी सदस्य उसे एयर इंडिया के विमान से 17 जून 2015 को कोलंबो ले गए। कोलंबो के लंका हास्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में 26 जून को भर्ती कराया गया। बेहोश कर अगले दिन उसकी किडनी निकाली गई और वैजंती को ट्रांसप्लांट की गई। नरेश के अनुसार उस समय गिरधारी लाल ने किडनी के एवज में मकान और परिवार का खर्च देने का वादा किया था। अब पैसा मांगने पर गिरधारी लाल, उनके करीबी धर्मेंद्र राठौर और सत्येंद्र राठौर धमकी देते हैं। इस मामले में उसने उत्तर देश में भी प्रार्थनापत्र दिया था। इस संबंध में आरोप लगाने वाले नरेश से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।
तीन साल पहले मेरी दूसरी पत्नी वैजन्ती माला को उसके रिश्तेदार नरेश चंद्र गंगवार ने अपनी मर्जी से किडनी दान की थी। दूसरी बात, किडनी देने वाला और लेने वाला दोनों बरेली के हैं और शिकायत नैनीताल जिले में दी जा रही है। यह बात खुद में खटकने वाली है। तीसरी बात, नरेश की पत्नी मुन्नी का पांच दिन पहले मेरे पास फोन आया था कि एक अखबार वाले उसके पति को जबरन ले गए हैं। ऐसे में यह बात साबित होती है कि नरेश पर दबाव डालकर इस तरह के आरोप लगवाए जा रहे हैं। इसके पीछे मंशा उत्तराखंड सरकार में मंत्री व मेरी पत्नी रेखा आर्य की छवि को नुकसान पहुंचाना है। किडनी चोरी के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है।
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-गिरधारी लाल साहू
वादी बरेली का रहने वाला है। फिर भी पुलिस हर पहलू की जांच कर कार्रवाई करेगी। दो साल तक शिकायत क्यों नहीं की गई, इस बिंदु पर भी पड़ताल की जाएगी। घटना कोलंबो की बताई जा रही है, इसलिए मामले की जांच में दिक्कत आ सकती है।
-केआर पांडे कोतवाल
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बरेली जिले के जशनपुर शेरगढ़ निवासी नरेश चंद्र गंगवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि वह मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल के आरटीओ रोड विजेंद्र विहार स्थित फार्म हाउस पर काम करता था। गिरधारी लाल की पहली पत्नी वैजंती माला को किडनी की जरूरत थी। इसी कारण उन्हें पहले हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल को बताया गया था कि वैजंती माला और किडनी दाता नरेश चंद्र दोनों भाई-बहन है। अस्पताल में भाई बहन सिद्ध नहीं होने पर किडनी ट्रांसप्लांट का मामला फंस गया। इसके बाद गिरधारी लाल के इशारे पर वैजंती माला और परिवार के करीबी सदस्य उसे एयर इंडिया के विमान से 17 जून 2015 को कोलंबो ले गए। कोलंबो के लंका हास्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में 26 जून को भर्ती कराया गया। बेहोश कर अगले दिन उसकी किडनी निकाली गई और वैजंती को ट्रांसप्लांट की गई। नरेश के अनुसार उस समय गिरधारी लाल ने किडनी के एवज में मकान और परिवार का खर्च देने का वादा किया था। अब पैसा मांगने पर गिरधारी लाल, उनके करीबी धर्मेंद्र राठौर और सत्येंद्र राठौर धमकी देते हैं। इस मामले में उसने उत्तर देश में भी प्रार्थनापत्र दिया था। इस संबंध में आरोप लगाने वाले नरेश से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।
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तीन साल पहले मेरी दूसरी पत्नी वैजन्ती माला को उसके रिश्तेदार नरेश चंद्र गंगवार ने अपनी मर्जी से किडनी दान की थी। दूसरी बात, किडनी देने वाला और लेने वाला दोनों बरेली के हैं और शिकायत नैनीताल जिले में दी जा रही है। यह बात खुद में खटकने वाली है। तीसरी बात, नरेश की पत्नी मुन्नी का पांच दिन पहले मेरे पास फोन आया था कि एक अखबार वाले उसके पति को जबरन ले गए हैं। ऐसे में यह बात साबित होती है कि नरेश पर दबाव डालकर इस तरह के आरोप लगवाए जा रहे हैं। इसके पीछे मंशा उत्तराखंड सरकार में मंत्री व मेरी पत्नी रेखा आर्य की छवि को नुकसान पहुंचाना है। किडनी चोरी के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है।
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-गिरधारी लाल साहू
वादी बरेली का रहने वाला है। फिर भी पुलिस हर पहलू की जांच कर कार्रवाई करेगी। दो साल तक शिकायत क्यों नहीं की गई, इस बिंदु पर भी पड़ताल की जाएगी। घटना कोलंबो की बताई जा रही है, इसलिए मामले की जांच में दिक्कत आ सकती है।
-केआर पांडे कोतवाल