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पुलिस ने चार कैदियों का लिया बयान
Updated Wed, 26 Jul 2017 02:30 AM IST
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हल्द्वानी। उपकारागार के अंदर ट्रक से हुई कैदी की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को चार कैदियों का बयान दर्ज किए गए। जांच में अभी तक पुलिस ने किसी की लापरवाही तय नहीं किया है। पुलिस को मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार है। मजिस्ट्रेटी जांच भी पूरी नहीं हुई है।
कारागार में 13 मई 17 की सुबह साढ़े दस बजे ट्रक (एचआर 37ए 4040) ईंट उतारकर निकल रहा था। पत्नी हत्या के आरोप में बंद खटीमा (ऊधमसिंहनगर) के चारूबेटा निवासी दीनदयाल (40) अचानक ट्रक के पिछले टायर की चपेट में आ गया। कैदी की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। इस मामले में जेलकर्मियों ने ट्रक चालक ओम प्रकाश निवासी सिसौना खजूरिया (रामपुर) को हिरासत में ले लिया।
जेलर संजीव ह्यांकी ने घटना के बाबत चालक के खिलाफ धारा 379 और 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में विवेचक हीरानगर चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने जेलर और बंदीरक्षकों को बयान पहले दर्ज कर लिया था। अदालत के निर्देश पर विवेचक ने घटना के समय मौजूद चश्मदीद चार कैदियों का बयान दर्ज किया है। पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है पता चला है कि पुलिस मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार कर रही है। मजिस्ट्रेटी जांच को समाहित करते हुए पुलिस अपनी चार्जशीट अदालत में पेश करने की तैयारी की है। मजिस्ट्रेट जांच कब तक पूरा होगा। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारी भी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।
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कारागार में 13 मई 17 की सुबह साढ़े दस बजे ट्रक (एचआर 37ए 4040) ईंट उतारकर निकल रहा था। पत्नी हत्या के आरोप में बंद खटीमा (ऊधमसिंहनगर) के चारूबेटा निवासी दीनदयाल (40) अचानक ट्रक के पिछले टायर की चपेट में आ गया। कैदी की कुछ ही देर बाद मौत हो गई। इस मामले में जेलकर्मियों ने ट्रक चालक ओम प्रकाश निवासी सिसौना खजूरिया (रामपुर) को हिरासत में ले लिया।
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जेलर संजीव ह्यांकी ने घटना के बाबत चालक के खिलाफ धारा 379 और 304 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में विवेचक हीरानगर चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने जेलर और बंदीरक्षकों को बयान पहले दर्ज कर लिया था। अदालत के निर्देश पर विवेचक ने घटना के समय मौजूद चश्मदीद चार कैदियों का बयान दर्ज किया है। पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है पता चला है कि पुलिस मजिस्ट्रेटी जांच का इंतजार कर रही है। मजिस्ट्रेटी जांच को समाहित करते हुए पुलिस अपनी चार्जशीट अदालत में पेश करने की तैयारी की है। मजिस्ट्रेट जांच कब तक पूरा होगा। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारी भी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।
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