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मौत के मुंह से निकले व्यवसायी सहित तीन लोग
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:02 AM IST
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हल्द्वानी। बीरभट्टी पुल के टूटने से अनजान बरेली के दवा व्यवसायी ललितेश गुप्ता की कार सौ फुट गहरे नाले में गिर गई। हादसे में व्यवसायी समेत तीन लोग बाल-बाल बच गए। तीनों को पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन की लापरवाही की कलई खुल गई है।
बरेली के गांधीनगर निवासी दवा के व्यवसायी ललितेश गुप्ता, अपने सहयोगी प्रमोद के साथ इनोवा कार (यूपी25 एबी0900) से 24 अक्तूबर को अल्मोड़ा गए थे। कार इकलाख चला रहा था। शनिवार की शाम रानीखेत होते हुए भवाली मार्ग से लौट रहे थे। छह बजकर 25 मिनट पर बीरभट्टी पुल के पास पहुंचे ही थे कि कार पुल के नीचे बलियानाला में चली गई। चीख पुकार सुनकर क्षेत्रीय लोग मौके पर पहुंचे लेकिन किसी ने अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटाई। पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार के साथ व्यवसायी और उनके साथियों को डेढ़ घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला। किसी को चोट नहीं आई। सिर्फ गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है। व्यवसायी ने बताया कि रात में लोगों को पुल की तरफ से जाने वालों को रोकने के लिए बैरियर होना चाहिए लेकिन जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। इसी कारण वह भी पुल की वर्तमान स्थिति से अनजान थे।
काल की तरफ जाने से कोई रोकने वाला नहीं था
रात में टूटे पुल की तरफ जाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। लोगों का कहना था कि व्यवसायी बच गए लेकिन यहां आने वाले पर्यटक रात में कभी भी काल के गाल में समा सकते हैं।
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बरेली के गांधीनगर निवासी दवा के व्यवसायी ललितेश गुप्ता, अपने सहयोगी प्रमोद के साथ इनोवा कार (यूपी25 एबी0900) से 24 अक्तूबर को अल्मोड़ा गए थे। कार इकलाख चला रहा था। शनिवार की शाम रानीखेत होते हुए भवाली मार्ग से लौट रहे थे। छह बजकर 25 मिनट पर बीरभट्टी पुल के पास पहुंचे ही थे कि कार पुल के नीचे बलियानाला में चली गई। चीख पुकार सुनकर क्षेत्रीय लोग मौके पर पहुंचे लेकिन किसी ने अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटाई। पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार के साथ व्यवसायी और उनके साथियों को डेढ़ घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला। किसी को चोट नहीं आई। सिर्फ गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है। व्यवसायी ने बताया कि रात में लोगों को पुल की तरफ से जाने वालों को रोकने के लिए बैरियर होना चाहिए लेकिन जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। इसी कारण वह भी पुल की वर्तमान स्थिति से अनजान थे।
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काल की तरफ जाने से कोई रोकने वाला नहीं था
रात में टूटे पुल की तरफ जाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है। लोगों का कहना था कि व्यवसायी बच गए लेकिन यहां आने वाले पर्यटक रात में कभी भी काल के गाल में समा सकते हैं।
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