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महेश को कई दिन से धमका रहे थे सूदखोर
Updated Sun, 28 Oct 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। सूदखोर ब्याज वसूलने के लिए महेश को कई दिनों से फोन कर धमका रहे थे। पुलिस ने महेश की पत्नी नीतू की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। काठगोदाम थानाध्यक्ष के अनुसार रात में किसी बैंक के कर्मचारी ने महेश से बात की थी। पुलिस जांच के बाद सूदखोरों के नामों का खुलासा करेगी।
कुमाऊं कॉलोनी निवासी व्यवसायी महेश चंद्र की लाश काठगोदाम बैराज स्थित गौला नदी में शुक्रवार की सुबह मिली थी। पुलिस का कहना है कि महेश ने आत्महत्या की है क्योंकि यदि कोई हत्या करता तो शव को रस्सी से बांधकर नहीं छोड़ता और शव को बहा सकता था। इस मामले में शनिवार को महेश की पत्नी नीतू ने काठगोदाम पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 25 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे उसके पति काठगोदाम में काम करने की बात कहकर निकले थे। बाद में कॉल करने पर मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया बता रहा था। सुबह सात बजे उसके चचिया ससुर सुरेश चंद्र के व्हाट्सएप पर फोटो भेजा तो घटना की जानकारी परिवार को मिली। बताया कि कमरे में देखने पर महेश के करीब 12 पत्र फोल्डर में पड़े मिले हैं। पत्र में लेनदेन की बातें लिखी गई हैं। नीतू का आरोप है कि सूदखोर उसके घर धमकी देने के लिए आते थे और उसके पति को बार-बार फोन कर प्रताड़ित करते थे।
कर्ज चुकता करने के लिए उसके पति ने जमीन और मकान बेच दिया था। आरोप है कि सूदखोरों के पास उसके पति के चेक और स्टांप पेपर मौजूद हैं। इन वजहों से उसके पति की मौत हुई है। उसने पुलिस से बिके हुए मकान और भूमि की संपूर्ण धनराशि बच्चों के भरण पोषण के लिए दिलाने का अनुरोध किया।
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थानाध्यक्ष कमाल हसन ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
सूदखोरों को गिरफ्तार को थाने पर प्रदर्शन
हल्द्वानी। दमुवाढूंगा कुमाऊं कॉलोनी के ग्रामीणों ने काठगोदाम थाने में पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पुलिस से सूदखोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पूर्व ग्राम प्रधान महेश जोशी के नेतृत्व में ग्रामीण काठगोदाम थाने शनिवार को पहुंचे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई लोग सूदखोरों के चंगुल में फंसे हुए हैं। पैसा देकर सूदखोर गरीबों से चक्रवृद्धि ब्याज वसूलते हैं। महेश बैंकों के अलावा सूदखोरों से पैसा लिया था। सूदखोरों की धमकी के चलते उसकी जान चली गई। थानाध्यक्ष कमाल हसन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सूदखोरों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। आश्वासन मिलने पर ग्रामीण लौट गए।
महेश ने पत्र में लिखा, महिला ने दिलाए थे पैसे
महेश के पत्र में लिखा है कि उसे जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा की रहने वाली महिला ने मुकेश से ब्याज पर रुपये दिलाए थे। मुकेश पैसा देने के पहले स्टांप पेपर और चेक ले लेता था। मौत से पहले रात दस बजे महेश ने मुकेश को पैसे दिए थे। एक पत्र में महेश ने लिखा है कि सिर्फ पांच हजार ब्याज के मुकेश को देने है। उसके पास स्टांप पेपर मौजूद है। पुलिस पैसे लेनदेन में लिप्त लोगों के नाम का जल्द खुलासा करेगी। पुलिस ने पकड़े लोगों को फिलहाल पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
- अंतिम कॉल बैंक कर्मी की थी, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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कुमाऊं कॉलोनी निवासी व्यवसायी महेश चंद्र की लाश काठगोदाम बैराज स्थित गौला नदी में शुक्रवार की सुबह मिली थी। पुलिस का कहना है कि महेश ने आत्महत्या की है क्योंकि यदि कोई हत्या करता तो शव को रस्सी से बांधकर नहीं छोड़ता और शव को बहा सकता था। इस मामले में शनिवार को महेश की पत्नी नीतू ने काठगोदाम पुलिस को तहरीर दी। बताया कि 25 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे उसके पति काठगोदाम में काम करने की बात कहकर निकले थे। बाद में कॉल करने पर मोबाइल आउट ऑफ कवरेज एरिया बता रहा था। सुबह सात बजे उसके चचिया ससुर सुरेश चंद्र के व्हाट्सएप पर फोटो भेजा तो घटना की जानकारी परिवार को मिली। बताया कि कमरे में देखने पर महेश के करीब 12 पत्र फोल्डर में पड़े मिले हैं। पत्र में लेनदेन की बातें लिखी गई हैं। नीतू का आरोप है कि सूदखोर उसके घर धमकी देने के लिए आते थे और उसके पति को बार-बार फोन कर प्रताड़ित करते थे।
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कर्ज चुकता करने के लिए उसके पति ने जमीन और मकान बेच दिया था। आरोप है कि सूदखोरों के पास उसके पति के चेक और स्टांप पेपर मौजूद हैं। इन वजहों से उसके पति की मौत हुई है। उसने पुलिस से बिके हुए मकान और भूमि की संपूर्ण धनराशि बच्चों के भरण पोषण के लिए दिलाने का अनुरोध किया।
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थानाध्यक्ष कमाल हसन ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
सूदखोरों को गिरफ्तार को थाने पर प्रदर्शन
हल्द्वानी। दमुवाढूंगा कुमाऊं कॉलोनी के ग्रामीणों ने काठगोदाम थाने में पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पुलिस से सूदखोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
पूर्व ग्राम प्रधान महेश जोशी के नेतृत्व में ग्रामीण काठगोदाम थाने शनिवार को पहुंचे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई लोग सूदखोरों के चंगुल में फंसे हुए हैं। पैसा देकर सूदखोर गरीबों से चक्रवृद्धि ब्याज वसूलते हैं। महेश बैंकों के अलावा सूदखोरों से पैसा लिया था। सूदखोरों की धमकी के चलते उसकी जान चली गई। थानाध्यक्ष कमाल हसन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सूदखोरों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। आश्वासन मिलने पर ग्रामीण लौट गए।
महेश ने पत्र में लिखा, महिला ने दिलाए थे पैसे
महेश के पत्र में लिखा है कि उसे जवाहर ज्योति दमुवाढूंगा की रहने वाली महिला ने मुकेश से ब्याज पर रुपये दिलाए थे। मुकेश पैसा देने के पहले स्टांप पेपर और चेक ले लेता था। मौत से पहले रात दस बजे महेश ने मुकेश को पैसे दिए थे। एक पत्र में महेश ने लिखा है कि सिर्फ पांच हजार ब्याज के मुकेश को देने है। उसके पास स्टांप पेपर मौजूद है। पुलिस पैसे लेनदेन में लिप्त लोगों के नाम का जल्द खुलासा करेगी। पुलिस ने पकड़े लोगों को फिलहाल पूछताछ के बाद छोड़ दिया है।
- अंतिम कॉल बैंक कर्मी की थी, अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज