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वन विभाग मांगेगा सरकार से असलहे
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हल्द्वानी। वन महकमे में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कसरत तेज हो गई है। वन विभाग पश्चिमी वृत्त में वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से वन कर्मियों के लिए फिर असलहे मांगेगा। वन विभाग दोबारा असलहों का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगा।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज में 22 जून को हुई मुठभेड़ में लकड़ी तस्करों ने गोली मारकर संविदा पर तैनात बीट वॉचर बहादुर सिंह की हत्या कर दी थी। उसका साथी प्लांटेशन वॉचर महेंद्र सिंह भी गोली लगने घायल हुआ था। इससे पहले भी खनन क्षेत्र में आए दिन वनकर्मियों पर हमले होते रहे हैं। इसलिए वन विभाग में असलहों की जरूरत महसूस होने लगी है। वन विभाग ने पहले राज्य सरकार से असलहों की मांग की थी। शासन ने फरवरी 2018 में रक्षा मंत्रालय को यह प्रस्ताव भेजा, लेकिन असलहों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
वन महकमा सरकार से मांगेगा असलहे
पहले भी भेजा गया था प्रस्ताव, बरहैनी की घटना के बाद दोबारा कसरत शुरू
100 राइफल और 12 पिस्टल की थी डिमांड
वन विभाग ने पहले राज्य सरकार से 315 बोर की 100 राइफल और 32 बोर की 15 पिस्टल मांगी थी। असलहे मिलने से वन विभाग के कर्मचारियों को गश्त करने और वनों की सुरक्षा में सहूलियत मिलती। इसलिए वन विभाग इस प्रस्ताव को दोबारा राज्य सरकार को भेजने की तैयारी कर रहा है।
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वन विभाग में असलहों की स्थिति
वन प्रभाग का नाम 315 बोर 12 बोर
तराई केंद्रीय वन प्रभाग 24 21
तराई पूर्वी वन प्रभाग 36 33
हल्द्वानी वन प्रभाग 16 14
रामनगर वन प्रभाग 07 14
तराई पश्चिमी वन प्रभाग 25 36
पश्चिमी वृत्त में वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए असलहों का प्रस्ताव पहले भी शासन को भेजा गया था। यह प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा।
- डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के बरहैनी रेंज में 22 जून को हुई मुठभेड़ में लकड़ी तस्करों ने गोली मारकर संविदा पर तैनात बीट वॉचर बहादुर सिंह की हत्या कर दी थी। उसका साथी प्लांटेशन वॉचर महेंद्र सिंह भी गोली लगने घायल हुआ था। इससे पहले भी खनन क्षेत्र में आए दिन वनकर्मियों पर हमले होते रहे हैं। इसलिए वन विभाग में असलहों की जरूरत महसूस होने लगी है। वन विभाग ने पहले राज्य सरकार से असलहों की मांग की थी। शासन ने फरवरी 2018 में रक्षा मंत्रालय को यह प्रस्ताव भेजा, लेकिन असलहों के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
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वन महकमा सरकार से मांगेगा असलहे
पहले भी भेजा गया था प्रस्ताव, बरहैनी की घटना के बाद दोबारा कसरत शुरू
100 राइफल और 12 पिस्टल की थी डिमांड
वन विभाग ने पहले राज्य सरकार से 315 बोर की 100 राइफल और 32 बोर की 15 पिस्टल मांगी थी। असलहे मिलने से वन विभाग के कर्मचारियों को गश्त करने और वनों की सुरक्षा में सहूलियत मिलती। इसलिए वन विभाग इस प्रस्ताव को दोबारा राज्य सरकार को भेजने की तैयारी कर रहा है।
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वन विभाग में असलहों की स्थिति
वन प्रभाग का नाम 315 बोर 12 बोर
तराई केंद्रीय वन प्रभाग 24 21
तराई पूर्वी वन प्रभाग 36 33
हल्द्वानी वन प्रभाग 16 14
रामनगर वन प्रभाग 07 14
तराई पश्चिमी वन प्रभाग 25 36
पश्चिमी वृत्त में वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए असलहों का प्रस्ताव पहले भी शासन को भेजा गया था। यह प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा।
- डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त