{"_id":"5a91d22a4f1c1bca798bb980","slug":"151519505962-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारी निकेतन से पति के घर गई विवाहिता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नारी निकेतन से पति के घर गई विवाहिता
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:50 AM IST
विज्ञापन
विवाहिता के बयान दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। तीन दिन से नारी निकेतन में रह रही युवती के शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के समक्ष बयान हुए। सिटी मजिस्ट्रेट ने उसे पति दीपक कुमार पाल के हवाले कर दिया। दीपक का कहना है कि शुभ मुहूर्त देखकर राधा कृष्ण मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से उससे शादी की जाएगी।
गौजाजाली उत्तर निवासी सूबेदार पाल के बेटे दीपक कुमार पाल से तीन अक्तूबर 2017 को काठगोदाम गौला बैराज निवासी एक व्यक्ति की बेटी से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों ने अपने परिजनों से शादी की बात छिपाए रखी। इस बीच बेटी से पूछकर युवती की शादी परिजनों ने मुरादाबाद रेलवे के सामने कोतवाली निवासी सरदार जसवंत सिंह अपने बेटे सतनाम सिंह से कर दी थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर दीपक पाल ने पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र दिया कि उसकी पत्नी को अभिभावकों ने बंधक बन रखा है। युवती की शादी के लिए मुरादाबाद से बारात 21 फरवरी को काठगोदाम गौला बैराज पहुंच गई। इस बीच सर्च वारंट के तहत पुलिस ने लड़की को अपने कब्जे में लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर युवती को नारी निकेतन भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर बारात लौट गई लेकिन दूल्हा सतनाम के पिता ने युवती और उसके पिता के खिलाफ काठगोदाम थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इधर, युवती को नारी निकेतन भेज दिया गया था।
समझदारी दिखाई होती तो नहीं आती यह नौबत
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में मौजूद लोगों का कहना था कि दीपक कुमार पाल और उसकी पत्नी की चूक से चार परिवार परेशान हो गए। यदि दीपक ने पहले अपने पिता को इस बारे बताया होता तो उसकी शादी लखनऊ में तय नहीं होती। लड़की ने भी परिवार को धोखे में रखा और परिजनों ने उसकी शादी मुरादाबाद तय कर दी। बारात लेकर आए दूल्हे के परिवार ने भी फजीहत झेली। लड़की के पिता को अब धोखाधड़ी के मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौजाजाली उत्तर निवासी सूबेदार पाल के बेटे दीपक कुमार पाल से तीन अक्तूबर 2017 को काठगोदाम गौला बैराज निवासी एक व्यक्ति की बेटी से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों ने अपने परिजनों से शादी की बात छिपाए रखी। इस बीच बेटी से पूछकर युवती की शादी परिजनों ने मुरादाबाद रेलवे के सामने कोतवाली निवासी सरदार जसवंत सिंह अपने बेटे सतनाम सिंह से कर दी थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर दीपक पाल ने पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र दिया कि उसकी पत्नी को अभिभावकों ने बंधक बन रखा है। युवती की शादी के लिए मुरादाबाद से बारात 21 फरवरी को काठगोदाम गौला बैराज पहुंच गई। इस बीच सर्च वारंट के तहत पुलिस ने लड़की को अपने कब्जे में लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर युवती को नारी निकेतन भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर बारात लौट गई लेकिन दूल्हा सतनाम के पिता ने युवती और उसके पिता के खिलाफ काठगोदाम थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। इधर, युवती को नारी निकेतन भेज दिया गया था।
विज्ञापन
समझदारी दिखाई होती तो नहीं आती यह नौबत
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में मौजूद लोगों का कहना था कि दीपक कुमार पाल और उसकी पत्नी की चूक से चार परिवार परेशान हो गए। यदि दीपक ने पहले अपने पिता को इस बारे बताया होता तो उसकी शादी लखनऊ में तय नहीं होती। लड़की ने भी परिवार को धोखे में रखा और परिजनों ने उसकी शादी मुरादाबाद तय कर दी। बारात लेकर आए दूल्हे के परिवार ने भी फजीहत झेली। लड़की के पिता को अब धोखाधड़ी के मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन