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पत्नी की हत्या के जुर्म में पति को आजीवन कारावास की सजा
Updated Wed, 26 Jul 2017 02:21 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। अपर सत्र न्यायालय न्यायाधीश रामनगर ने तीन साल पहले छोई क्षेत्र में अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में मंगलवार को पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
ग्राम नाथुपुर छोई में जगदीश सिंह बिष्ट अपनी पत्नी बबीता और दो बच्चों के साथ रहता था। जगदीश को अपनी पत्नी बबीता के चरित्र पर शक था। इसी बात को लेकर आए दिन बबीता से उसका झगड़ा होता रहता था। बबीता के पिता विक्रम सिंह के अनुसार जगदीश शराब पीकर आये दिन उसके साथ मारपीट करता था।
16 मई 2014 को रात करीब आठ बजे बबीता के पिता ने उसे फोन किया तो बबीता ने रोते हुए बताया कि जगदीश मेरे साथ मारपीट कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। बात करते करते जगदीश ने फोन छीन लिया और कहा कि मैं तुम्हारी लड़की को जान से मार दूंगा। रात्रि करीब दस बजे जगदीश के बड़े भाई मोहन सिंह ने बबीता के घरवालों को बताया कि जगदीश ने पाटल से वारकर तुम्हारी बेटी बबीता की हत्या कर दी है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जगदीश के भाई मोहन सिंह ने पुलिस को उक्त घटना की तहरीर सौंपी थी। इसके आधार पर पुलिस ने 17 मई 2014 को अभियुक्त जगदीश को मय पाटल के साथ गिरफ्तार कर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
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तीन साल तक चले मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार ने मंगलवार को पत्नी की हत्या के जुुर्म पर पति जगदीश सिंह बिष्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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ग्राम नाथुपुर छोई में जगदीश सिंह बिष्ट अपनी पत्नी बबीता और दो बच्चों के साथ रहता था। जगदीश को अपनी पत्नी बबीता के चरित्र पर शक था। इसी बात को लेकर आए दिन बबीता से उसका झगड़ा होता रहता था। बबीता के पिता विक्रम सिंह के अनुसार जगदीश शराब पीकर आये दिन उसके साथ मारपीट करता था।
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16 मई 2014 को रात करीब आठ बजे बबीता के पिता ने उसे फोन किया तो बबीता ने रोते हुए बताया कि जगदीश मेरे साथ मारपीट कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। बात करते करते जगदीश ने फोन छीन लिया और कहा कि मैं तुम्हारी लड़की को जान से मार दूंगा। रात्रि करीब दस बजे जगदीश के बड़े भाई मोहन सिंह ने बबीता के घरवालों को बताया कि जगदीश ने पाटल से वारकर तुम्हारी बेटी बबीता की हत्या कर दी है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जगदीश के भाई मोहन सिंह ने पुलिस को उक्त घटना की तहरीर सौंपी थी। इसके आधार पर पुलिस ने 17 मई 2014 को अभियुक्त जगदीश को मय पाटल के साथ गिरफ्तार कर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
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तीन साल तक चले मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश सुजीत कुमार ने मंगलवार को पत्नी की हत्या के जुुर्म पर पति जगदीश सिंह बिष्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।