फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   खैर के 40 गिल्टो से लदी कैंटर पकड़ी

खैर के 40 गिल्टो से लदी कैंटर पकड़ी

Fri, 14 Jul 2017 02:23 AM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खैर के 40 गिल्टो से लदी कैंटर पकड़ी
नानकमत्ता/नंधौर वैली। तराई भाबर के जंगलों में खैर की लकड़ी की तस्करी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग की रनसाली रेंज में वन टीम ने कैंटर में लदे खैर के 40 गिल्टों के साथ वाहन चालक को पकड़ा है जबकिछह तस्कर भाग निकले। वाहन चालक से पूछताछ के आधार पर गिरोह के सरगना के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार तड़के रनसाली के रेंजर महेंद्र सिंह रैकुनी को खैर की लकड़ी की तस्करी की सूचना मिली। इस पर उन्होंने पुलिस को खबर दी और नगला बरकीडांडी मार्ग पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। करीब तीन बजे टुकड़ी गांव से एक कैंटर संख्या यूपी 02 सी 4582 आता दिखाई दिया। टीम ने चेकिंग के लिए रोकने की कोशिश की तो चालक ने कर्मियों को कुचलने की नाकाम कोशिश करते हुए वाहन दौड़ा दिया। टीम ने पीछा कर कैंटर को पकड़ लिया। टीम ने कैंटर चालक राजू निवासी टांडा, गोरू थाना बाजपुर को पकड़ लिया। वहीं तब तक गाड़ी में सवार छह तस्कर मौका पाकर भाग निकले। जब टीम ने कैंटर की तलाशी ली तो भूसे व बुरादे के नीचे छिपे हुए खैर के 40 गिल्टे बरामद हुए। पूछताछ में चालक ने बताया कि जसपाल सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी बाजपुर लकड़ी तस्कर गिरोह का सरगना है। टीम ने गिल्टे कब्जे में लेकर कैंटर को सीज कर दिया है। यह तस्करी का पहला मामला है जब वाहन चालक के साथ सरगना के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। रेंजर रैकुनी ने बताया कि गिरोह के तार ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन

पहली बार तस्करी सरगना के खिलाफ भी कटा केस
एटा, कानपुर, इटावा पहुंचता है खैर
हल्द्वानी। खैर का कत्था बनाने में इस्तेमाल होता है। अब कत्था का बाहर से आयात बंद होने पर खैर की तस्करी बढ़ गई है। यहां के जंगलों से काटा जा रहा खैर कानपुर, इटावा, एटा, नोएडा दिल्ली तक जाता है। जहां पान मसाला बनाने वाली कंपनियां खैर के मनमाने दाम देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी तस्करी में लिप्त रहा है सरगना
हल्द्वानी। रेंजर महेंद्र सिंह रैकुनी ने बताया कि गिरोह का सरगना जसपाल सिंह बेहद शातिर किस्म का है। पहले भी खैर की तस्करी में उसका नाम सामने आया है, रामनगर समेत दूसरे वन प्रभागों में भी उस पर खैर की तस्करी के केस दर्ज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed